CG NEWS : शादी में ‘हर्ष फायरिंग’ का हाई वोल्टेज वीडियो वायरल’ भाजपा नेत्री मोनिका सिंह पर उठे सवाल
CG NEWS : रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होने के बावजूद कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। भाजपा नेत्री और वर्तमान मंडी सदस्य मोनिका सिंह के भाई प्रतीक की शादी के दौरान खुलेआम हवाई फायरिंग की गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें न केवल भाजपा नेत्री बल्कि उनके परिवार के बच्चे और लड़कियां भी हाथों में हथियार लहराते नजर आ रहे हैं।
‘धुरंधर’ गाने पर बनाई रील
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि भाजपा नेत्री मोनिका सिंह और उनके पति ऋतुपर्ण सिंह (जो एक चतुर्थ श्रेणी शासकीय कर्मचारी बताए जा रहे हैं) एक ही बंदूक से बारी-बारी हवाई फायरिंग कर रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम को छत्तीसगढ़ी फिल्म ‘धुरंधर’ के गाने के साथ जोड़कर एक रील बनाई गई और सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया। वीडियो में बारात के दौरान रिश्तेदारों और मेहमानों की मौजूदगी में जमकर गोलियां चलाई गईं।
बच्चों के हाथों में भी दिखे हथियार
मामला तब और गंभीर हो गया जब वायरल वीडियो में छोटे बच्चे और युवतियां भी पिस्तौल और बंदूक जैसे हथियार लिए पोज देते दिखे। राजधानी के पॉश इलाकों में हुई इस हर्ष फायरिंग ने पुलिस की मुस्तैदी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि रायपुर में धारा 144 और कमिश्नर प्रणाली के तहत हथियारों के सार्वजनिक प्रदर्शन और हर्ष फायरिंग पर सख्त प्रतिबंध है।
कांग्रेस ने घेरा: “सत्ता के नशे में चूर हैं भाजपा नेता”
इस घटना के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस प्रवक्ता अभय नारायण ने कड़ा प्रहार करते हुए कहा:
“राजधानी में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। भाजपा नेता सत्ता के संरक्षण में खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं और सरेआम हथियारों का प्रदर्शन करें, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या होगा? पुलिस को इस मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर लाइसेंस रद्द करना चाहिए।”
पुलिस की कार्रवाई का इंतजार
सोशल मीडिया पर रील वायरल होने और बवाल मचने के बाद पुलिस हरकत में आई है। रायपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि हालांकि अभी तक कोई औपचारिक लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। फायरिंग में इस्तेमाल किया गया हथियार लाइसेंसी है या नहीं और वह किसके नाम पर पंजीकृत है, इसकी पुष्टि की जा रही है।









