Mantralaya Online Attendance Issue : मंत्रालय में ‘लेट लतीफी’ का डर , सिस्टम फेल होने से कर्मचारियों को सता रही है सैलरी कटने की चिंता

दीपका खदान में बड़ी कार्रवाई, औचक निरीक्षण में खुली अनियमितताओं की पोल

मशीनें चालू थीं, लेकिन सर्वर ने रोका काम

सुबह की भागदौड़ के बीच मंत्रालय के गलियारों में अचानक बेचैनी फैल गई। कुछ कर्मचारी मशीन बदलते दिखे, तो कुछ नेटवर्क की उम्मीद में स्क्रीन को घूरते रहे। हर कुछ सेकंड में मशीन बीप करती, लेकिन एंट्री दर्ज नहीं होती। करीब आधे घंटे बाद मंत्रालय अधीक्षण शाखा के रजिस्ट्रार की ओर से सूचना जारी की गई कि बायोमैट्रिक सर्वर डाउन है। इसके बाद कर्मचारियों को वैकल्पिक व्यवस्था का इंतजार करना पड़ा। मंत्रालय में मौजूद कर्मचारियों का कहना है कि तकनीकी समस्या के कारण कामकाज की शुरुआत प्रभावित हुई। कई विभागों में अधिकारी समय पर बैठ तो गए, लेकिन उपस्थिति रिकॉर्ड नहीं होने से असमंजस बना रहा।

डिजिटल सिस्टम पर बढ़ती निर्भरता, तकनीकी चुनौती भी सामने

सरकारी कार्यालयों में ऑनलाइन अटेंडेंस सिस्टम लागू होने के बाद उपस्थिति प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हुई है। लेकिन सर्वर डाउन जैसी घटनाएं अब प्रशासन के लिए नई चुनौती बनती जा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ते डिजिटल ट्रैफिक के कारण सर्वर क्षमता को मजबूत करना जरूरी हो गया है। मंत्रालय के एक कर्मचारी ने बताया कि सुबह का माहौल परीक्षा केंद्र जैसा लग रहा था। हर कोई जल्दी एंट्री दर्ज कराना चाहता था, लेकिन मशीनें जवाब नहीं दे रही थीं।

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