Female Naxalite Surrender : नक्सलवाद का ‘फुल स्टॉप’ ,13 साल बाद रावघाट कमेटी मेंबर उर्मिला ने किया सरेंडर
Female Naxalite Surrender
13 साल तक बस्तर में मचाया तांडव: 15 साल की उम्र में थामा था हथियार
उर्मिला मूलतः मानपुर ब्लॉक के मुंजाल गांव की रहने वाली है। उसके नक्सली सफर की दास्तां चौंकाने वाली है। उसने महज 15 साल की उम्र में सशस्त्र माओवादियों के साथ बस्तर के बीहड़ों में कदम रखा था। देखते ही देखते वह संगठन में रावघाट एरिया कमेटी मेंबर (ACM) जैसे बड़े पद तक पहुंच गई। पिछले 13 साल तक वह बस्तर के विभिन्न इलाकों में पुलिस के खिलाफ कई बड़ी नक्सली वारदातों और एंबुश में सक्रिय भूमिका निभाती रही। रावघाट जैसे अति-संवेदनशील इलाके में उसकी मौजूदगी पुलिस के लिए सिरदर्द बनी हुई थी।
सरेंडर के बाद उर्मिला ने बताया कि वह संगठन में बाहरी कैडरों के भेदभाव, शोषण और पुलिस के बढ़ते दबाव से तंग आ चुकी थी। वह अब मुख्यधारा में लौटकर अपने परिवार के साथ सामान्य जीवन जीना चाहती है। उसके सरेंडर से रावघाट एरिया कमेटी के नक्सली नेटवर्क को एक बड़ा झटका लगा है, जिससे बस्तर में नक्सलियों के पैर उखड़ने तय हैं। पुलिस उर्मिला से संगठन की रणनीतियों, अन्य बड़े लीडरों की लोकेशन और हथियार डिपो के बारे में अहम जानकारी हासिल कर रही है, जो आने वाले ऑपरेशंस के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।















