TMC Election Commission Controversy : चुनाव आयोग की ‘दो-टूक’, TMC के आरोपों के बीच EC का जवाब—”इस बार बंगाल में नहीं होगी बूथ जामिंग”
TMC Election Commission Controversy
- क्विक एग्जिट: 10:02 बजे शुरू हुई मीटिंग 10:07 बजे खत्म; TMC प्रतिनिधिमंडल को वापस लौटाया।
- विवाद की जड़: SIR (State Intelligence Report) के मुद्दे पर आपत्ति जताने पहुंचे थे TMC नेता।
- EC का स्टैंड: मुख्य चुनाव आयुक्त ने दोहराया—बंगाल में इस बार चुनाव पूरी तरह ‘भय मुक्त’ होंगे।
TMC Election Commission Controversy , नई दिल्ली — पश्चिम बंगाल चुनाव की पिच पर मुकाबला शुरू होने से पहले ही अंपायर (चुनाव आयोग) और प्रमुख टीम (TMC) के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई है। बुधवार सुबह दिल्ली में चुनाव आयोग के मुख्यालय पहुंचे तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने आयोग पर “अपमानजनक व्यवहार” का आरोप लगाया। सांसद डेरेक ओ’ब्रायन के मुताबिक, जिस मीटिंग के लिए उन्होंने समय मांगा था, उसे आयोग ने महज 5 मिनट में निपटा दिया और उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया।
घड़ी की सुइयों पर चली डिप्लोमेसी: 10:02 से 10:07 का खेल
डेरेक ओ’ब्रायन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीटिंग का पूरा ‘स्कोरकार्ड’ पेश किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ने उनकी बात सुनने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। TMC नेता राज्य में SIR के इस्तेमाल और सुरक्षा बलों की तैनाती के मानदंडों पर आपत्ति जताने गए थे। लेकिन मीटिंग हॉल के अंदर का माहौल किसी ‘क्विक फायर’ राउंड जैसा रहा।
- स्टार्ट टाइम: सुबह 10:02 बजे
- एंड टाइम: सुबह 10:07 बजे
- टीम लीडर: डेरेक ओ’ब्रायन (TMC प्रतिनिधिमंडल)
“हमने SIR के मुद्दे पर अपना पक्ष रखने के लिए समय लिया था, लेकिन हमारे साथ खराब बर्ताव हुआ। 5 मिनट के भीतर ही हमें भगा दिया गया।” — डेरेक ओ’ब्रायन, TMC सांसद















