कोरबा में मुआवजा घोटाले की जांच तेज, CBI की दोबारा एंट्री से मचा हड़कंप
कोरबा। एसईसीएल की गेवरा-दीपका परियोजना से प्रभावित ग्राम मलगांव की जमीनों के मुआवजा घोटाले में एक बार फिर जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। Central Bureau of Investigation (CBI) की टीम के कोरबा पहुंचने के साथ ही पूरे कोयलांचल क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई के अधिकारी पिछले कुछ दिनों से गेवरा क्षेत्र में डेरा डाले हुए हैं और मुआवजा से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रहे हैं। इसके साथ ही प्रभावित ग्रामीणों, राजस्व विभाग के कर्मचारियों और एसईसीएल से जुड़े अधिकारियों से पूछताछ भी की जा रही है।
फर्जीवाड़े की परतें खुलने की उम्मीद
बताया जा रहा है कि इस मामले में करोड़ों रुपए के फर्जी मुआवजा वितरण का आरोप है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि किन लोगों ने नियमों को दरकिनार कर अपात्र व्यक्तियों को मुआवजा दिलाया और असली हकदारों को वंचित रखा।
ग्रामीणों से पूछताछ, दस्तावेज खंगाल रही टीम
सीबीआई की टीम उन ग्रामीणों से भी पूछताछ कर रही है, जिनके नाम मुआवजा सूची में शामिल थे लेकिन बाद में उन्हें अपात्र घोषित कर दिया गया। प्रभावित लोगों का आरोप है कि कुछ दलालों और अधिकारियों की मिलीभगत से उनके अधिकार छीन लिए गए।
अधिकारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में
जांच के दायरे में तत्कालीन राजस्व अधिकारी, तहसीलदार, एसईसीएल के अधिकारी और अन्य संबंधित कर्मचारी भी हैं। सूत्रों का कहना है कि मुआवजा प्रक्रिया में कई स्तरों पर अनियमितताएं सामने आ सकती हैं।















