कोरबा के नए बस स्टैंड पर अतिक्रमण का कब्जा, बाउंड्री वॉल तोड़कर बनाए गए रास्ते—प्रशासन पर उठे सवाल

कोरबा। शहर के टीपी नगर स्थित अंतरराज्यीय नया बस स्टैंड इन दिनों अतिक्रमण की चपेट में है। वर्षों पहले परिवहन सुविधाओं के लिए विकसित किया गया यह बस स्टैंड अब बदहाली का शिकार होता जा रहा है। सरकारी जमीन पर खुलेआम कब्जा और बाउंड्री वॉल तोड़े जाने के बावजूद प्रशासन की निष्क्रियता सवालों के घेरे में है।

बाउंड्री वॉल तोड़कर बनाया गया रास्ता
90 के दशक में विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) द्वारा बनाए गए इस बस स्टैंड को सुरक्षित रखने के लिए पक्की चारदीवारी बनाई गई थी। लेकिन समय के साथ रसूखदारों के दबाव में इस दीवार को जगह-जगह तोड़ दिया गया और अब उसके दोनों ओर अवैध निर्माण तेजी से फैल गया है।

हाल ही में उद्घाटित चर्चित शिवाय हॉस्पिटल पर भी आरोप है कि उसने लालूराम कॉलोनी की ओर से रास्ता खोलने के साथ-साथ बस स्टैंड की ओर मुख्य प्रवेश द्वार निकालने के लिए नगर निगम की बाउंड्री वॉल को तोड़ दिया। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि आखिर सरकारी दीवार तोड़ने की अनुमति किसने दी?

यात्रियों को हो रही परेशानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि बस स्टैंड में पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी है। इसके साथ ही अवैध निर्माण और निजी वाहनों की पार्किंग के कारण बसों के आवागमन और ठहराव में दिक्कतें आ रही हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कई बार शिकायत, फिर भी नहीं कार्रवाई
स्थानीय निवासी बृजेश त्रिपाठी ने बताया कि उन्होंने कई बार जिला प्रशासन और शासन को पत्र लिखकर अतिक्रमण की शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि अधिकारियों में कार्रवाई का साहस नहीं है और कुछ जनप्रतिनिधियों के संरक्षण में अवैध कब्जाधारी बेखौफ होकर सरकारी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं।

प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
त्रिपाठी ने कहा कि तीन माह पूर्व सीमांकन भी कराया जा चुका है, इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होना चिंता का विषय है। उन्होंने मांग की है कि जिन लोगों ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है और अवैध कब्जा किया है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और बस स्टैंड क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए।

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