Bharatiya Janata Party का दबदबा’ राजनीतिक चंदे में 161% उछाल, 91% फंड अकेले BJP के पास

नई दिल्ली: देश की राष्ट्रीय पार्टियों की तिजोरी में इस साल रिकॉर्ड चंदा बरसा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए चुनाव आयोग को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार, राजनीतिक फंडिंग में अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि कॉर्पोरेट और व्यक्तिगत चंदे के मामले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) अन्य सभी राष्ट्रीय दलों से मीलों आगे निकल गई है।

फंडिंग में 161% की ऐतिहासिक वृद्धि

निर्वाचन आयोग के पास जमा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, 20,000 रुपये से अधिक की कुल राजनीतिक फंडिंग में पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 161 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यह वृद्धि दर्शाती है कि चुनावी सरगर्मी और नीतिगत फैसलों के बीच राजनीतिक दलों के प्रति दानदाताओं का रुझान तेजी से बढ़ा है।

बीजेपी का दबदबा: 91% हिस्सेदारी

इस वित्त वर्ष में राष्ट्रीय पार्टियों को मिले कुल चंदे में से 91 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा अकेले भारतीय जनता पार्टी के पास गया है। विपक्षी दलों, जिनमें कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (AAP), और अन्य राष्ट्रीय दल शामिल हैं, के हिस्से में संयुक्त रूप से 9 प्रतिशत से भी कम चंदा आया है।

चंदे का गणित (अनुमानित):

  • भारतीय जनता पार्टी (BJP): कुल घोषित चंदे का लगभग 91.5%

  • भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC): लगभग 6%

  • अन्य राष्ट्रीय दल: शेष हिस्सा

पंजीकृत दानदाताओं और कॉर्पोरेट जगत का योगदान

आंकड़ों के अनुसार, चंदे का एक बड़ा हिस्सा कॉर्पोरेट घरानों और इलेक्टोरल ट्रस्टों के जरिए आया है। चुनाव सुधारों पर काम करने वाली संस्थाओं का कहना है कि चंदे में इतनी बड़ी बढ़ोतरी का मुख्य कारण बड़े चुनावी चंदे और डिजिटल माध्यमों से होने वाला पारदर्शी लेन-देन भी है।

“राष्ट्रीय पार्टियों को मिलने वाले चंदे में यह उछाल राजनीतिक परिदृश्य में वित्तीय संसाधनों के बढ़ते महत्व को दर्शाता है। एक ही पार्टी का 91% हिस्सा होना चुनावी प्रतिस्पर्धा के वित्तीय असंतुलन की ओर इशारा करता है।” > — राजनीतिक विश्लेषक

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