15 हजार की घूस लेते प्राचार्य गिरफ्तार, 6 महीने से व्याख्याता का वेतन था लंबित
बलौदाबाजार-भाटापारा: भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई की है। जिले में एक घूसखोर प्राचार्य को व्याख्याता से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। आरोपी प्राचार्य ने वेतन जारी करने के बदले कमीशन की मांग की थी।
वेतन रोकने का बनाया था दबाव
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी प्राचार्य आर.एन. बया ने स्कूल के ही एक व्याख्याता का पिछले 6 माह का वेतन रोक रखा था। जब पीड़ित व्याख्याता ने अपना रुका हुआ वेतन जारी करने की गुहार लगाई, तो प्राचार्य ने इसके एवज में 15 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। वेतन न मिलने से आर्थिक तंगी झेल रहे व्याख्याता ने भ्रष्टाचार के आगे झुकने के बजाय इसकी शिकायत रायपुर एसीबी कार्यालय में कर दी।
एसीबी ने बिछाया जाल, रंगे हाथ दबोचा
शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ‘ट्रैप’ आयोजित किया। जैसे ही पीड़ित व्याख्याता रिश्वत की रकम लेकर प्राचार्य के पास पहुँचा और उन्हें 15 हजार रुपये थमाए, पहले से तैयार एसीबी की टीम ने दबिश देकर प्राचार्य आर.एन. बया को रंगे हाथों धर दबोचा।
केमिकल टेस्ट में गुलाबी हुए हाथ
कार्रवाई के दौरान जब प्राचार्य के हाथ धुलवाए गए, तो नोटों पर लगे केमिकल के कारण पानी का रंग गुलाबी हो गया, जो रिश्वत लेने का पुख्ता प्रमाण है। एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
मामले की मुख्य कड़ियाँ:
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आरोपी: आर.एन. बया (प्राचार्य)।
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रिश्वत की राशि: ₹15,000।
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वजह: व्याख्याता का 6 महीने का रुका हुआ वेतन जारी करना।
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कार्रवाई: एसीबी रायपुर की टीम द्वारा ट्रैप।
भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार
इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग के साथ-साथ अन्य शासकीय विभागों में भी हड़कंप मच गया है। एसीबी के अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।









