AI Summit Uproar : पुलिस का दावा—AI समिट हंगामे के पीछे उदय भानु चिब, कांग्रेस ने साधा मोदी सरकार पर निशाना

नई दिल्ली | दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पिछले सप्ताह भारत मंडपम में आयोजित ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ के दौरान हुए “शर्टलेस” (बिना शर्ट के) विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में की गई है। पुलिस ने चिब को इस पूरी घटना का ‘मास्टरमाइंड’ करार दिया है।

20 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तारी

उदय भानु चिब को 23 फरवरी को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। लगभग 20 घंटे तक चली लंबी पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। दिल्ली पुलिस का आरोप है कि चिब ने ही इस विरोध प्रदर्शन की पूरी साजिश रची, रसद (Logistics) उपलब्ध कराई और प्रदर्शनकारियों को फंडिंग दी। पुलिस ने कोर्ट से उनकी 7 दिनों की रिमांड मांगी है।

JNU Violence : जेएनयू में फिर आधी रात को बवाल, छात्रों में जमकर मारपीट

क्या था मामला?

20 फरवरी को AI समिट के अंतिम दिन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा घेरा तोड़कर हॉल नंबर 5 में प्रवेश किया था। वहां उन्होंने अपनी शर्ट उतार दी, जिसके नीचे पहनी टी-शर्ट्स पर “Compromised PM” जैसे नारे लिखे थे। कार्यकर्ताओं ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और बेरोजगारी को लेकर विरोध जताया था। पुलिस अब तक इस मामले में 8 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

कांग्रेस का तीखा पलटवार: “अघोषित आपातकाल”

इस गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है:

  • कांग्रेस का बयान: पार्टी ने इसे “मोदी की सनक” और “अघोषित आपातकाल” बताया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन सरकार आवाज़ दबाने के लिए पुलिस का दुरुपयोग कर रही है।

  • भूपेश बघेल का हमला: छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने इसे तानाशाही बताते हुए कहा कि युवाओं की आवाज़ को दबाने की कोशिश सफल नहीं होगी।

  • पवन खेड़ा का बयान: कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, “यह शर्मनाक है कि सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शन से डर रही है। जो आईना दिखाता है, उसे जेल भेज दिया जाता है।”

लगीं गंभीर धाराएं

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है, जिनमें शामिल हैं:

  • धारा 196: विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना।

  • धारा 61(2): आपराधिक साजिश।

  • धारा 197: राष्ट्रीय अखंडता पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले आरोप।

  • सरकारी काम में बाधा डालना और गैर-कानूनी रूप से इकट्ठा होना।

About The Author