Chandkhuri Kaushalya Mata Temple : कौशल्या माता मंदिर विवाद भक्तों की आपत्ति के बाद शासन ने मंगवाई नई प्रतिमा

ग्वालियर से रायपुर का सफर: मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा ने दिया आकार

इस भव्य प्रतिमा का निर्माण प्रसिद्ध मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में हुआ है। मूर्ति में भगवान राम के वनवासी स्वरूप को उकेरा गया है, जो दंडकारण्य (बस्तर और आसपास के क्षेत्र) में उनके प्रवास की याद दिलाता है। पुरानी प्रतिमा को लेकर श्रद्धालुओं का तर्क था कि उसका स्वरूप पौराणिक मान्यताओं और श्रीराम की छवि से मेल नहीं खाता था। इसी विरोध को देखते हुए पर्यटन विभाग ने नई मूर्ति का ऑर्डर दिया था।

प्रतिमा को भारी-भरकम ट्रेलरों के जरिए ग्वालियर से रायपुर लाया गया। प्रशासन अब मंदिर परिसर में इसके आधार (Platform) को मजबूत करने और स्थापना की तारीख तय करने में जुटा है।

“पुरानी प्रतिमा को लेकर लोगों में नाराजगी थी। हमें खुशी है कि प्रशासन ने जनभावनाओं का सम्मान किया। श्रीराम का वनवासी स्वरूप छत्तीसगढ़ की संस्कृति से गहरा जुड़ा है और यह नई प्रतिमा धाम की शोभा बढ़ाएगी।”

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