कोरबा रेलवे पार्सल गोदाम में वसूली का आरोप, व्यापारी और कुली दोनों परेशान

कोरबा। रेलवे पार्सल गोदाम में कथित अवैध वसूली को लेकर विवाद सामने आया है। माल ढुलाई और उतराई से जुड़े कुलियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें मिलने वाली रकम का हिस्सा जबरन लिया जाता है, जिससे वे आर्थिक रूप से परेशान हैं। वहीं संबंधित बाबू ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।

मामला कोरबा रेलवे स्टेशन के उस हिस्से का बताया जा रहा है, जहां बाहर से आने वाले पार्सल और माल की उतराई होती है। यहां काम करने वाले कुलियों का कहना है कि उन्हें जो भी मजदूरी मिलती है, उसका हिस्सा वहां तैनात बाबू द्वारा रख लिया जाता है। कुलियों का आरोप है कि प्रति बोरी या बैग पर करीब 100 रुपये तक वसूले जाते हैं, जबकि आधिकारिक दर इतनी नहीं है।

हालांकि, संबंधित बाबू ने इन आरोपों को सीधे तौर पर नकारते हुए कहा कि किसी तरह की अवैध वसूली नहीं की जाती और सभी काम नियमों के अनुसार होते हैं।

इस कथित वसूली का असर व्यापारियों पर भी पड़ रहा है। उनका कहना है कि वे पहले ही माल खरीदने और ढुलाई के लिए भारतीय रेल को भुगतान करते हैं। इसके बाद अलग से कुली का शुल्क देना पड़ता है और फिर माल बाहर ले जाने के लिए ऑटो चालकों को भी भुगतान करना पड़ता है। ऐसे में अतिरिक्त वसूली से लागत बढ़ रही है और व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।

व्यापारियों और मजदूरों ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है, ताकि पार्सल गोदाम में पारदर्शिता बनी रहे और अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत मिल सके।

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