Siddaramaiah DK Shivakumar : कर्नाटक सीएम विवाद, सिद्धारमैया-डीके शिवकुमार की ब्रेकफास्ट मीटिंग से बढ़ी हलचल

Siddaramaiah DK Shivakumar

Siddaramaiah DK Shivakumar

Siddaramaiah DK Shivakumar : नई दिल्ली। कर्नाटक में मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर चल रहे विवाद के बीच आज राजनीतिक तापमान उस समय थोड़ा कम होता दिखाई दिया, जब CM सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने सुबह 10:15 बजे साथ में ब्रेकफास्ट किया। इसके एक घंटे बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ये संदेश देने की कोशिश की कि सरकार के भीतर किसी तरह का संकट नहीं है।

Naxalite Leaflet : नक्सलियों का दावा देवजी पुलिस हिरासत में, कोर्ट में पेश करने की अपील

जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस: ‘हमारे बीच कोई मतभेद नहीं’ – सिद्धारमैया

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने स्पष्ट कहा कि उनके और डीके शिवकुमार के बीच किसी भी तरह का विवाद या मतभेद नहीं है।

“हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है और न ही भविष्य में होगा। हम मिलकर कर्नाटक के विकास के लिए काम करेंगे।” – सिद्धारमैया

उनका बयान उस समय आया है जब पिछले 15 दिनों से दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच सीएम पद को लेकर तीखी खींचतान जारी है।

डीके शिवकुमार बोले—हाईकमान जो कहेगा वही करेंगे

डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में संगठनात्मक अनुशासन का संदेश देते हुए कहा—

“हाईकमान जो भी फैसला करेगा, हम उसका पालन करेंगे। कोई ग्रुप नहीं है। मैं मुख्यमंत्री के साथ हूं और कर्नाटक के विकास को प्राथमिकता देंगे।”

इनके बयान को पार्टी हाईकमान के उस निर्देश से जोड़ा जा रहा है, जिसके तहत दोनों नेताओं को एकजुटता का संदेश देने को कहा गया था।

सीएम पद को लेकर जारी खींचतान का बैकग्राउंड

कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद 2023 में ऐसा कहा गया था कि मुख्यमंत्री पद के लिए 2.5-2.5 साल की पावर-शेयरिंग डील हुई है।
हालांकि,

  • सिद्धारमैया के समर्थक इस तरह की किसी भी डील को नकारते रहे हैं

  • और पार्टी हाईकमान ने भी इसकी आधिकारिक पुष्टि कभी नहीं की

इसके बावजूद बीते दिनों डीके शिवकुमार गुट के नेताओं ने अपने नेता को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग तेज कर दी है।

हाईकमान की कोशिश: सरकार में स्थिरता का संदेश

दोनों नेताओं की आज की मुलाकात और संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को कांग्रेस हाईकमान द्वारा बनाई गई रणनीति माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य कर्नाटक में चल रही अंदरूनी खींचतान पर नियंत्रण करते हुए स्थिरता का संदेश देना है।

About The Author