President Murmu : छत्तीसगढ़ दौरे पर राष्ट्रपति, जनजातीय संस्कृति पर दिया जोर
President Murmu
अंबिकापुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सोमवार को एक बार फिर छत्तीसगढ़ दौरे पर पहुंचीं और अंबिकापुर में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस समारोह 2025 में शामिल हुईं। यह आठ महीनों में उनका दूसरा छत्तीसगढ़ प्रवास है। एयरफोर्स के विशेष हेलीकॉप्टर से वे सीधे अंबिकापुर पहुंचीं, जहाँ पीजी कॉलेज मैदान में बिरसा मुंडा जयंती के अवसर पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में उन्हें पारंपरिक स्वागत दिया गया।
छत्तीसगढ़ धान खरीदी सुचारू रखने कर्मचारी संघों ने हड़ताल स्थगित की, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
समारोह में राष्ट्रपति मुर्मू ने राज्य की समृद्ध जनजातीय विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि आदिवासी समाज ने भारत की संस्कृति, परंपरा और स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने जनजातीय युवाओं को शिक्षा, कौशल और आधुनिक तकनीकों से जुड़ने का आह्वान भी किया।
इस अवसर पर राष्ट्रपति दो महत्वपूर्ण योजनाओं का शुभारंभ करेंगी। पहली योजना पारंपरिक उपचार पद्धतियों से जुड़े वैद्यों के संरक्षण और प्रोत्साहन पर केंद्रित है। इसके तहत उन्हें प्रशिक्षण, प्रमाणन और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। दूसरी योजना प्रदेश के प्रमुख देवस्थलों के संरक्षण और आधुनिकीकरण से संबंधित है, जिसके माध्यम से सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा।
अपने दौरे के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू उस व्यक्ति से भी मुलाकात करेंगी, जिसे 70 वर्ष पहले भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने गोद लिया था। यह मुलाकात कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण माना जा रहा है।
प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग कार्यक्रम में मौजूद रहे। राष्ट्रपति की यात्रा को लेकर शहर में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं।









