Mistreatment of a midwife: सुरक्षा कर्मियों की हरकत पर मितानिन संगठन सख्त, दोषियों को हटाने की मांग
Mistreatment of a midwife
Mistreatment of a midwife कोरबा, 04 नवंबर| कोरबा जिला अस्पताल में सोमवार देर रात एक बार फिर सुरक्षा कर्मियों के अनुशासनहीन व्यवहार ने विवाद को जन्म दे दिया। नगर निगम कोरबा के वार्ड क्रमांक 4 की मितानिन गायत्री पटेल के साथ महिला सुरक्षा कर्मियों ने न केवल दुर्व्यवहार किया, बल्कि उसे मरीज से मिलने से रोकते हुए अस्पताल से बाहर निकालने का प्रयास भी किया। इस घटना को लेकर मितानिन संगठन में गहरा आक्रोश फैल गया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने दोषियों पर कार्रवाई नहीं की तो वे काम बंद आंदोलन करेंगे।
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देर रात अस्पताल में मचा हंगामा
जानकारी के अनुसार, मितानिन गायत्री पटेल अपने वार्ड की एक प्रसूता महिला को इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर आई थीं। कुछ समय बाद जब वह मरीज से मिलने वार्ड में पहुंचीं, तो वहां तैनात महिला सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोक दिया। बताया जा रहा है कि सुरक्षा कर्मियों ने मितानिन को धक्का देकर बाहर निकालने की कोशिश की और यहां तक कह दिया कि अगर दोबारा अंदर आईं तो मरीज को डिस्चार्ज कर देंगे।इस दौरान मरीज के एक बुजुर्ग परिजन ने सुरक्षा कर्मियों के इस अभद्र व्यवहार पर आपत्ति जताई। इस पर अस्पताल परिसर में कहासुनी और हंगामा हो गया। थोड़ी देर के लिए स्थिति तनावपूर्ण बन गई और लोगों की भीड़ जमा हो गई।
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मितानिन संगठन का रोष, अध्यक्ष बोलीं – “यह पहली बार नहीं”
मितानिन संगठन की जिला अध्यक्ष कविता राठौर ने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है। “अस्पताल परिसर में बार-बार सुरक्षा कर्मियों का असंवेदनशील रवैया सामने आ रहा है। पहले भी वे मरीजों और सहयोगियों के साथ दुर्व्यवहार कर चुके हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया।”उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले भी एक मरीज के साथ मारपीट की घटना हुई थी, जिसकी शिकायत थाने में दर्ज कराई गई थी, मगर परिणाम शून्य रहा। अब एक बार फिर मितानिन के साथ गलत बर्ताव किया गया है।
कार्रवाई नहीं हुई तो ठप होगा काम
कविता राठौर ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही इस घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषी सुरक्षा कर्मियों को हटाया नहीं गया तो मितानिन संगठन काम बंद आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि मितानिन महिलाएं जनता की सेवा करती हैं और उनके साथ इस तरह का व्यवहार अस्वीकार्य है।








