Peace summit: छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस: विकास कार्यों की श्रृंखला का किया गया शुभारंभ

Peace summit

Peace summit

Peace summit रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के स्थापना दिवस के विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी रायपुर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ब्रह्मा कुमारी संस्थान के ‘शांति शिखर’ ध्यान केंद्र का उद्घाटन किया, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी उपस्थित रहे। पीएम मोदी ने अपने दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, साथ ही बच्चों से संवाद भी किया।

विवादों के चलते इस वर्ष नहीं होगी हसदेव महाआरती, हिंदू क्रांति सेना ने किया आयोजन स्थगित

छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर पीएम मोदी का आगमन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए रायपुर पहुंचे। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और दोनों उपमुख्यमंत्रियों ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। अपने 6 घंटे 45 मिनट के प्रवास के दौरान पीएम मोदी ने कई अहम कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।

PM Modi Visits Chhattisgarh: पीएम मोदी का छत्तीसगढ़ दौरा, शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक का भी करेंगे अवलोकन

शांति शिखर’ का हुआ भव्य लोकार्पण

पीएम मोदी ने सत्य साईं हॉस्पिटल में 2500 हृदय रोग से ग्रसित बच्चों से मुलाकात की और उनमें से एक बच्चे को गले लगाकर उनका हौसला बढ़ाया। इसके बाद, प्रधानमंत्री सत्य साईं हॉस्पिटल से सीधे नवा रायपुर स्थित ब्रह्माकुमारी संस्थान के नवनिर्मित ‘शांति शिखर’ ध्यान केंद्र पहुंचे और इसका उद्घाटन किया। यह केंद्र आध्यात्मिक शिक्षा, शांति और ध्यान का एक आधुनिक केंद्र है।

विकास की नई नींव: कई परियोजनाओं का हुआ उद्घाटन

‘शांति शिखर’ के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने नवा रायपुर में नए विधानसभा भवन और डिजिटल जनजातीय संग्रहालय का भी उद्घाटन किया। यह सभी परियोजनाएं राज्य के विकास और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। कार्यक्रमों के समापन के उपरांत प्रधानमंत्री ने रोड शो भी किया।

पद्म विभूषण, पद्म भूषण से भी की मुलाकात

अपने व्यस्त कार्यक्रम के बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदेश की दो महान हस्तियों, पद्म विभूषण से सम्मानित लोक गायिका तीजन बाई और प्रसिद्ध लेखक पद्म भूषण विनोद कुमार शुक्ल का भी हालचाल जाना, जो उनके संवेदना और सम्मान को दर्शाता है।यह दौरा न केवल छत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस के जश्न का हिस्सा था, बल्कि नवा रायपुर में आध्यात्मिक शांति केंद्र के शुभारंभ और महत्वपूर्ण विकास कार्यों के लोकार्पण के कारण भी ऐतिहासिक बन गया।

About The Author