दीवाली केवल दीप जलाने का पर्व नहीं, बल्कि यह आत्मज्ञान, सत्य और धर्म की विजय का प्रतीक है – मुखर्जी
डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल खरमोरा कोरबा में आज भव्य प्री-दीवाली समारोह का आयोजन हर्षोल्लास और सांस्कृतिक गरिमा के साथ किया गया। विद्यालय परिसर दीपों की जगमग रोशनी और रंगोली की मनमोहक सजावट से ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा विद्यालय ही प्रकाश पर्व की अनुभूति में डूब गया हो।
इस वर्ष के उत्सव की विशेष थीम “रामायण – अच्छाई की बुराई पर विजय” रही। छात्रों ने इस पौराणिक महाकाव्य को मंच पर सजीव कर दिया। भगवान श्रीराम, सीता माता, लक्ष्मण, और हनुमान जी जैसे पात्रों का सशक्त अभिनय करते हुए विद्यार्थियों ने मर्यादा, त्याग और आदर्शों का सजीव उदाहरण प्रस्तुत किया। नन्हें कलाकारों की प्रस्तुतियों ने न केवल दर्शकों का मन मोह लिया, बल्कि उपस्थित जनसमूह को भारतीय संस्कृति के आदर्श मूल्यों से भी जोड़ दिया।
विद्यालय के प्रांगण में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। इसके पश्चात छात्रों द्वारा मनमोहक लोक नृत्य, समूह गीत, नाट्य मंचन और धार्मिक झांकियाँ प्रस्तुत की गईं, जिन्होंने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
विद्यालय के प्राचार्य श्री हेमंतो मुखर्जी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा –
“दीवाली केवल दीप जलाने का पर्व नहीं, बल्कि यह आत्मज्ञान, सत्य और धर्म की विजय का प्रतीक है। जब हमारे विद्यार्थी रामायण के पात्रों के रूप में मंच पर आते हैं, तो वे केवल अभिनय नहीं करते, बल्कि समाज को सच्चे मूल्यों की सीख भी देते हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों में भारतीय परंपराओं के प्रति सम्मान और नैतिकता का भाव जागृत करते हैं।
उत्सव के दौरान विद्यालय में रंगोली प्रतियोगिता, तोरण निर्माण प्रतियोगिता तथा दिया सजावट प्रतियोगिता जैसी अनेक गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिनमें छात्रों ने अपनी रचनात्मकता और कला कौशल का अद्भुत प्रदर्शन किया। विद्यालय के सभी वर्गों के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और इस अवसर का भरपूर आनंद उठाया। रंग-बिरंगी रंगोलियों, आकर्षक तोरणों और सजे हुए दीयों ने पूरे परिसर को एक दिव्य सौंदर्य प्रदान किया।
कार्यक्रम के अंत में, पूर्व में आयोजित सभी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही हाल ही में आयोजित “RUN FOR DAV” मैराथन के विजेताओं को भी मंच पर बुलाकर प्राचार्य श्री हेमंतो मुखर्जी के द्वारा प्रमाणपत्र एवं मेडल देकर पुरस्कृत किया गया। बच्चों के चेहरों पर खुशी और गर्व साफ झलक रहा था।
कार्यक्रम का समापन पारंपरिक दीप प्रज्वलन और “ग्रीन एवं सेफ दीवाली” की शपथ के साथ किया गया। छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों ने पर्यावरण की सुरक्षा का संदेश देते हुए संकल्प लिया कि इस वर्ष की दीवाली को वे प्रदूषण रहित और सुरक्षित बनाएंगे।
पूरा दिन विद्यालय परिसर उल्लास, उत्साह और भारतीय संस्कृति के रंगों से सराबोर रहा। इस भव्य आयोजन ने न केवल विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान किया, बल्कि सभी को यह प्रेरणा भी दी कि दीवाली का असली अर्थ है – प्रकाश का अंधकार पर, और सत्य का असत्य पर विजय।






















