Bharatmala Project :भारत माला प्रोजेक्ट घोटाला , जांच लगभग एक साल तक चली

रायपुर। भारतमाला परियोजना से जुड़े मुआवजा घोटाले की जांच लगभग एक साल बाद पूरी हुई। इस मामले में ईओडब्ल्यू-एसीबी ने सोमवार को विशेष न्यायालय में चालान पेश किया। जांच के अनुसार, इस घोटाले में कुल 10 आरोपी शामिल हैं।

कोरबा: रेलवे ट्रैक पर शिक्षक का शव मिला, सिर और शरीर के हिस्से अलग-अलग पड़े थे

 

जांच और गिरफ्तारी

जांच एजेंसी ने इस घोटाले में शामिल कई लोगों की जांच की। इसमें प्रमुख आरोपी जमीन कारोबारी हरमीत खनूजा और अन्य 3 लोग शामिल थे, जिन्हें पहले गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, बाद में हाईकोर्ट से सभी को जमानत मिल चुकी है।

घोटाले का स्वरूप

सूत्रों के अनुसार, यह घोटाला भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत मुआवजा राशि के वितरण में अनियमितताओं को लेकर सामने आया। आरोपी अधिकारियों और जमीन कारोबारियों ने कथित रूप से मुआवजा राशि में हेरफेर और गबन किया।

अगले कदम

विशेष अदालत में चालान पेश होने के बाद अब न्यायिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। जांच एजेंसी का कहना है कि आगे मामले की सुनवाई में सभी आरोपी न्याय के कटघरे में लाए जाएंगे।

 

About The Author