डीएवी खरमोरा में बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया कृष्ण जन्माष्टमी एवं गणेश चतुर्थी का उत्सव
डीएवी खरमोरा कोरबा में संयुक्त रूप से कृष्ण जन्माष्टमी एवं गणेश चतुर्थी के समारोह का आयोजन किया गया। इस आयोजन का शुभारंभ मुख्य अतिथि एडीपीओ कोरबा श्री के० जी० भारद्वाज, विशिष्ट अतिथि प्रेस रिपोर्टर हितवादा श्रीमती कृतिका तिवारी तथा प्राचार्य महोदय हेमंतो मुखर्जी द्वारा दीप प्रज्वलित कर तथा श्री कृष्णा एवं गणेश जी के चित्र पर माल्यार्पण करके किया गया। प्राचार्य मुखर्जी ने हमारे अतिथियों श्री के जी भारद्वाज तथा श्रीमती कृतिका तिवारी को पुष्प गुच्छ देकर तथा तिलक लगाकर स्वागत किया। इस समारोह में सभी कक्षाओं के छात्रों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया। इसमें बच्चों के बीच नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया तथा कक्षा एलकेजी से कक्षा दूसरी तक के नन्हे नन्हे बच्चों ने फैंसी ड्रेस प्रतिस्पर्धा में भाग लिया। नन्हे नन्हे बच्चे राधा-कृष्ण की वेशभूषा में अत्यंत सुंदर लग रहे थे इन्हें देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि समस्त गोकुल ही हमारे विद्यालय में आ बसा हो। बच्चों ने सुंदर तथा मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किये। बच्चों का उत्साह एवं आत्मविश्वास देखते ही बनता था। इस समारोह के आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों को अपनी भारतीय संस्कृति तथा संस्कारों से परिचित कराना है। हमारे भारत में कोई भी उत्सव केवल उत्सव ही होता है जो जाति धर्म से ऊपर उठकर भाईचारे तथा एकता का संदेश देता है। हमारी भारतीय संस्कृति की जड़ों की मजबूती इन्हीं उत्सवों तथा त्योहार से है। उत्सव हमारे जीवन को हर्षोल्लास से भर देते हैं। पाठ्यक्रम के साथ यह उत्सव हमारी एक जैसी दिनचर्या से थके मन को उमंगों तथा उल्लास से भर देता है। इससे न केवल शिक्षक ही लाभान्वित होता है बल्कि छात्र भी नई ऊर्जा से भर जाते हैं। सभी छात्र बड़े ही मनोयोग से इन उत्सवों के लिए तैयारी करते हैं और बड़े ही आत्मविश्वास के साथ मंच पर प्रस्तुति देते हैं। यह समारोह श्री कृष्णा तथा विघ्न विनाशक गणेश जी को समर्पित था। बच्चों ने कृष्ण के जन्म एवं उनकी रासलीला को नाट्य रूप में प्रस्तुत किया। यह प्रस्तुति सबसे अधिक मनमोहन थी। इस समारोह में मटकी फोड़ का भी आयोजन किया गया। श्री के जी भारद्वाज ने छात्रों का उत्साह वर्धन करते हुए कहा कि विद्यालय में होने वाले इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों को अपनी भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता से जोड़ने ही नहीं बल्कि परंपराओं से परिचित कराते हैं। पाठ्यक्रम के साथ इस प्रकार की गतिविधियां होनी आवश्यक है। यह गतिविधियां छात्रों के अंदर छुपी प्रतिभा को उजागर करने के लिए एक बेहतरीन मंच प्रदान करती है। इसके साथ ही उन्होंने सभी को गणेश चतुर्थी तथा कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दी तथा बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना की। इसके साथ ही उन्होंने कक्षा दसवीं तथा बारहवीं के छात्रों को उनकी बोर्ड की परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं दी तथा उन्होंने कहा कि हम छात्रों से आशा करते हैं कि वह अच्छे अंक हासिल करके विद्यालय का तथा अपना नाम अवश्य रौशन करेंगे। श्रीमती कीर्ति तिवारी जी ने बच्चों तथा शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि छात्रों को पठन-पाठन के साथ इन गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए ताकि उनके अंदर की छुपी प्रतिभा का उपयोग वह कर सकें। उन्होंने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि छोटे-छोटे बच्चों के द्वारा इतनी सुंदर प्रस्तुति उनके परिश्रम तथा लगन को दर्शाती है इसके साथ ही उन्होंने सभी को गणेश चतुर्थी तथा कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दी और छात्रों के उज्जवल भविष्य की कामना की। प्राचार्य मुखर्जी ने मुख्य अतिथियों को अपना अमूल्य समय निकालकर विद्यालय आने के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हम आपसे आशा करते हैं कि आप पुनः हमारे विद्यालय आएंगे तथा हमारे बच्चों को आपका आशीर्वाद तथा शुभकामनाएं प्राप्त होगी। प्राचार्य हेमंतो मुखर्जी ने श्री के जी भारद्वाज तथा श्रीमती कीर्ति तिवारी को स्मृति चिन्ह देकर विदा किया। इस समारोह को सफल बनाने के लिए प्राचार्य मुखर्जी ने शिक्षकों छात्रों तथा चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।









