कोरबा में सजेगा बाबा बागेश्वर का दिव्य दरबार सफाई कर्मी होंगे ‘हनुमंत कथा’ के मुख्य यजमान, सामाजिक समरसता की मिसाल पेश करेगा आयोजन
कोरबा।’ ऊर्जा नगरी कोरबा की पावन धरा जल्द ही भक्ति और अध्यात्म के सागर में सराबोर होने वाली है। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथा वाचक और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बाबा बागेश्वर) के सान्निध्य में भव्य ‘श्री हनुमंत कथा’ का आयोजन होने जा रहा है। इस विराट आयोजन को लेकर तैयारियाँ युद्ध स्तर पर शुरू हो गई हैं।
सफाई कर्मी निभाएंगे मुख्य यजमान की भूमिका
बुधवार को कोरबा के ‘जश्न रिसॉर्ट’ में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में आयोजन की रूपरेखा साझा की गई। इस दौरान समाजसेवी राणा मुखर्जी ने एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए बताया कि इस महायज्ञ के मुख्य यजमान कोई वीआईपी या बड़े उद्योगपति नहीं, बल्कि कोरबा की स्वच्छता सुनिश्चित करने वाले सफाई कर्मी होंगे।
-
संदेश: यह निर्णय जातिगत भेदभाव मिटाने और समाज में बराबरी का संदेश देने के उद्देश्य से लिया गया है।
-
आयोजक: बैठक में कहा गया कि इस कथा के वास्तविक आयोजक स्वयं श्री बजरंग बली हैं, भक्त तो केवल माध्यम मात्र हैं।
तैयारियों का जायजा और सुरक्षा व्यवस्था
हजारों की संख्या में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए आयोजन समिति और प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं:
-
विशाल पंडाल: कथा स्थल पर श्रद्धालुओं के बैठने के लिए विशाल डोम और वाटरप्रूफ पंडाल तैयार किया जा रहा है।
-
दिव्य दरबार: कथा के दौरान बाबा बागेश्वर का ‘दिव्य दरबार’ भी लगेगा, जहाँ वे लोगों की अर्जियाँ सुनेंगे।
-
भोजन-प्रसाद: दूर-दराज से आने वाले भक्तों के लिए भंडारे और पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई है।
कोरबा में आध्यात्मिक लहर
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा को लेकर न केवल कोरबा, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और पड़ोसी राज्यों के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि सफाई कर्मियों को यजमान बनाकर आयोजन समिति ने सनातन धर्म के असली स्वरूप— ‘नर सेवा ही नारायण सेवा’ को चरितार्थ किया है।
“हम चाहते हैं कि इस कथा के माध्यम से समाज का हर वर्ग खुद को ईश्वर से जुड़ा हुआ महसूस करे। जब शहर साफ करने वाले हाथ भगवान की आरती उतारेंगे, तो वह दृश्य अलौकिक होगा।” > — राणा मुखर्जी, समाजसेवी एवं आयोजन समिति सदस्य









