EPFO ने बदले नियम: आधार-UAN लिंकिंग अब आसान, क्लेम सेटलमेंट भी तेज: प्रीति अग्रवाल

ईपीएफओ (EPFO) ने अपने करोड़ों सदस्यों के लिए बड़ी राहत देते हुए आधार-यूएएन (UAN) लिंकिंग प्रक्रिया को काफी आसान और झंझट मुक्त बना दिया है। साथ ही, हाल ही में जारी नियमों के अनुसार, अब भविष्य निधि (PF) क्लेम सेटलमेंट यानी पैसे निकालने की प्रक्रिया भी पहले से कहीं ज्यादा तेज और सरल हो गई है।

नई व्यवस्था के तहत यदि सदस्य का नाम, लिंग और जन्मतिथि आधार और यूएएन दोनों records में पूरी तरह मेल खाता है तो अब सीधे अपने नियोक्ता (Employer) के पास जाकर ऑनलाइन KYC फंक्शन के जरिए आधार लिंकिंग कर सकते हैं—इसके लिए EPFO के किसी अलग अप्रूवल की जरुरत नहीं होगी। इससे पहले, छोटे-छोटे मेल न होने के कारण चक्कर और कई स्तरों की मंजूरी में समय लग जाता था, अब वह दिक्कत नहीं होगी।

यदि आधार और यूएएन की डिटेल्स में कोई mismatch है, तब भी राहत दी गई है: अब नियोक्ता (या बंद संस्थान या अनुपलाब्ध नियोक्ता की स्थिति में EPFO के PRO काउंटर पर) जॉइंट डिक्लेरेशन फॉर्म के माध्यम से तुरंत करेक्शन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसका पूरा प्रोसेस डिजिटल हो गया है, जिससे मैन्युअल फाइलिंग और अप्रूवल की जरूरत बहुत कम हो गई है।

इन नई व्यवस्थाओं से PF क्लेम का निस्तारण भी काफी तेज होगा—परिवार या जरूरतमंद सदस्य को मृत्यु या इमरजेंसी जैसी स्थिति में जल्द राहत मिलेगी। EPFO का कहना है कि अब PF खाते की जानकारी डिटेल अपडेट करने, आधार लिंक या सुधार करवाने, और क्लेम करने में महीनों का इंतजार पुरानी बात हो जाएगी।

THE FINOCRATS ने कहा कि EPFO की ये पहल डिजिटलाइजेशन, सेवा में पारदर्शिता और उपभोक्ताओं की संतुष्टि की दिशा में मील का पत्थर हैं, जिससे देशभर के अंशधारकों और उनके परिवारजनों को त्वरित राहत मिलेगी।

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