भारत बना वैश्विक रियल एस्टेट मार्केट का सिरमौर: घरों की कीमतों में सालाना 7.7% उछाल, अमेरिका-यूके-ऑस्ट्रेलिया से तेज ग्रोथ: प्रीती अग्रवाल
Knight Frank की ताज़ा ग्लोबल हाउस प्राइस इंडेक्स (Q1 2025) रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में आवासीय संपत्ति की कीमतों में बीते एक साल में 7.7% की वार्षिक उछाल दर्ज की गई है। यह वृद्धि नॉमिनल टर्म्स में दर्ज हुई है, जिससे भारत दुनिया के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले रेसिडेंशियल बाज़ारों में शामिल हो गया है और इस बार ग्लोबल रैंकिंग में 15वें स्थान पर है।
अमेरिका में घरों की कीमतों में इसी अवधि में 6.5% की वृद्धि दर्ज की गई, ऑस्ट्रेलिया में 5% और ब्रिटेन में घरों की कीमतों में 0.8% तक की गिरावट आई है। भारत ने इन विकसित अर्थव्यवस्थाओं को पीछे छोड़ते हुए रियल एस्टेट ग्रोथ में नया रिकॉर्ड कायम किया है। महामारी के बाद से भारतीय रियल एस्टेट को बढ़ती शहरीकरण, मजबूत डिमांड, अथॉरेटिटिव नियामक सुधार और सीमित आपूर्ति जैसे कारकों का लाभ मिला है। नतीजन, भारत में निवेशकों का कॉन्फिडेंस बढ़ा और घरेलू परिवारों की घर खरीदने की मांग लगातार ऊपर गई।
इस ग्रोथ के चलते भारत का हाउसिंग मार्केट अब प्रमुख वैश्विक बाजारों—अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया—से भी तेज गति से आगे बढ़ रहा है, जिससे भारत रियल एस्टेट इन्वेस्टर्स और डेवलपर्स के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर आकर्षण का केंद्र बन गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले महीनों में भी घरेलू रिहायशी संपत्ति मूल्य में स्थिर उछाल की उम्मीद है, जिससे भारत के रियल एस्टेट सेक्टर का भविष्य और भी उज्ज्वल नजर आता है















