भारत बनेगा दुनिया का चौथा सबसे बड़ा ऑफिस बाजार, 1 अरब वर्ग फुट का आंकड़ा छूने की कगार पर: प्रीति अग्रवाल
भारतीय ऑफिस रियल एस्टेट सेक्टर ने वैश्विक स्तर पर एक नया मुकाम हासिल करने की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। Knight Frank की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का कुल ऑफिस स्पेस स्टॉक तीसरी तिमाही 2025 तक 1 अरब (1 बिलियन) वर्ग फुट को पार कर जाएगा। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा ऑफिस बाजार बन जाएगा, जो अमेरिका, चीन और जापान के बाद आता है।
बीते दो दशकों में भारत का ऑफिस स्पेस 2005 के 200 मिलियन वर्ग फुट से बढ़कर अब 993 मिलियन वर्ग फुट तक पहुंच गया है, यानी सालाना औसतन 8.6% की विकास दर रही। बेंगलुरु, एनसीआर और मुंबई इस ग्रोथ में सबसे आगे हैं, जिनका कुल योगदान 60% है। बाकी हिस्सा हैदराबाद, पुणे और चेन्नई जैसी उभरती मेट्रो सिटीज़ का है।
इस विस्तार के पीछे देश की संस्थागत मज़बूती, नीतिगत सुधार जैसे SEZ, RERA व REIT, निवेशकों का भरोसा और मल्टीनेशनल कंपनियों का बढ़ता आकर्षण है। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय मार्केट की लागत-वर्द्धित प्रतिस्पर्धा भी बड़ा कारण रही—2025 में ग्रेड A ऑफिस स्पेस रेंट औसतन केवल $0.96 प्रति वर्ग फुट (माह) तक पहुंच गया।
THE FINOCRATS का मानना है कि यह मुकाम सिर्फ संख्या नहीं, बल्कि भारत की कॉर्पोरेट रियल एस्टेट में बढ़ती वैश्विक प्रासंगिकता और मज़बूत गवर्नेंस का प्रमाण है। आगामी वर्षों में यह सेक्टर और आगे बढ़ेगा और कामयाबी की नई इबारत लिखेगा।








