फ्रीलांसर, व्यापारियों और इन्फ्लुएंसर्स के लिए आयकर विभाग की बड़ी घोषणा: ITR भरने की तारीख बढ़ी, नियम सख्त हुए: प्रीति अग्रवाल

आयकर विभाग ने 2025 में छोटे व्यवसायियों, ट्रे़डर्स, फ्रीलांसर्स और डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स के लिए कुछ बड़े और अहम बदलाव किए हैं। इस वर्ष टैक्स अनुपालन प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी, सरल और डिजिटल बनाया गया है—जिसका सीधा असर आपकी इनकम, रिटर्न फाइलिंग और टैक्स कटौती पर पड़ेगा।

सबसे बड़ी राहत यह है कि फाइनेंशियल वर्ष 2024-25 (आकलन वर्ष 2025-26) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की अंतिम तारीख सभी नॉन-ऑडिट टैक्सपेयर्स (जैसे अनिवासी व्यापारी, पेशेवर, इन्फ्लुएंसर, फ्रीलांसर) के लिए 31 जुलाई से बढ़ाकर 15 सितंबर 2025 कर दी गई है। यह एक्सटेंशन इसलिए दिया गया ताकि हाल ही में किए गए ITR फॉर्मेट और कंटेंट के बदलावों के बाद आपको पूरी तरह अपडेट एवं टेस्टेड डिजिटल प्लेटफॉर्म मिल सके।

ITR फॉर्म में भी खास बदलाव किये गये हैं, जिससे रिपोर्टिंग और ऑडिटिंगi ज्यादा सटीक और आसान हो सके। अब डिजिटल और फ्रीलांस इनकम, ऑनलाइन ब्रांड डील्स, सोशल मीडिया के जरिए होने वाली कमाई, क्रिप्टो, और कई नए व्यवसायिक स्रोतों को भी रिटर्न में विस्तार से दर्शाना जरूरी है। इस बार नियमों के उल्लंघन को लेकर पेनल्टी और डिडक्शन क्लेम्स पर भी नियम कड़े किए गये हैं, जिससे टैक्स चोरी और गड़बड़ी पर रोक लगेगी।

व्यापार, सूक्ष्म व्यवसाय, छोटे दुकानदारों, यूट्यूबर, इंस्टाग्रामर, रील/व्लॉग बनाने वालों, ऑनलाइन सेलर्स और स्वतंत्र पेशेवरों के लिए अब बैंकिंग ट्रांजैक्शन, डिजिटल पेमेंट इतिहास और आयकर रिटर्न में खुलासा और मिलान जरूर करें। टेक्नोलॉजी आधारित ट्रैकिंग और स्क्रूटनी के चलते अब बिना सही दस्तावेजी सबूत और साक्ष्य के कोई भी आय छुपाना मुश्किल है।

यदि आप इन वर्गों में आते हैं, तो अपनी आमदनी, खर्च, टीडीएस, सेविंग्स और आईटीआर में दर्ज सभी जानकारियां सही-सही भरें। समय से रिटर्न भरने, GST और डिजिटल इन्वॉयसिंग का पालन करने से भविष्य की परेशानी और फाइनेंशियल पेनल्टी से बचा जा सकता है। अपने व्यवसाय या प्रोफेशन से जुड़े लेन-देन का सही लेखा-जोखा रखें। साथ ही, आयकर सलाहकार या सीए की मदद लेकर ही रिटर्न भरना उपयुक्त रहेगा।

कुल मिलाकर, आयकर विभाग की इस साल की अपडेटेड सिस्टम, नई डेडलाइन और पारदर्शिता बढ़ाने वाले नियम ईमानदार करदाताओं और छोटे कारोबारियों को राहत देंगे पर गड़बड़ी या लापरवाही की गुंजाइश कम कर देंगे।

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