आकांक्षा हाट मेला – ग्रामीण हुनर और महिला शक्ति का उत्सव स्थान: सियान सदन तिथि: 1 से 4 अगस्त
सियान सदन में 1 से 4 अगस्त तक आयोजित “आकांक्षा हाट मेला” ने न सिर्फ ग्रामीण महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया, बल्कि स्थानीय हुनर, आत्मनिर्भरता और सामुदायिक सहभागिता को भी नई ऊंचाई दी। चार दिवसीय इस मेले में महिलाएं, SHG सदस्य, युवा उद्यमी और लोकल कारीगरों ने मिलकर बेहतरीन उत्पाद और अनुभव साझा किए।
अतिथियों और प्रतिभागियों की प्रतिक्रिया
नगर निगम आयुक्त, श्री आशुतोष पांडेय ने मेले के संगठन और प्रभाव को लेकर कहा,
“Excellent presentation and totally beneficial to improve rural economy. Gandhi Fellows has done extremely good job. Feeling delighted to be part of this initiative.”
यह स्टेटमेंट न केवल आयोजन के प्रबंधन की तारीफ थी, बल्कि ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण के लिए इस पहल को सार्थक और प्रासंगिक भी बताया गया। आयुक्त ने विशेष रूप से गांधी फेलोज़ के योगदान को सराहा और उनके प्रयासों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने योग्य माना।
ब्लॉक सीईओ, कौशांबी गाबेल ने अनुभव साझा करते हुए कहा,
“यह प्रोग्राम बहुत अच्छा रहा और इसने समाज के लोगों में जागरूकता पैदा की। ऐसे आयोजनों से जरूरी बदलाव आते हैं और समुदाय को एक साथ बढ़ने के अवसर मिलते हैं।”
यह संदेश समुदाय को जोड़ने और स्थानीय स्तर पर जागरूकता लाने की दिशा में मेले के प्रभाव को दर्शाता है।
Piramal Foundation के Aspirational Bharat Collaborative की वालंटियर्स—निशा कंवर, रागिनी, ज्योति और दुर्गेश्वरी—ने भी पूरी निष्ठा और ऊर्जा से आयोजन में भाग लिया। इन युवाओं ने कहा,
“हमने सीखा कि असली परिवर्तन ज़मीनी स्तर से आता है। जब युवा, महिलाएं और गांव के लोग एकजुट होकर काम करते हैं, तभी सच्चे मायनों में प्रगति संभव है। इस मेले ने हमें ग्रामीण जीवन को और करीब से समझने और उनके साथ मिलकर काम करने का अवसर दिया।”
इनके अनुभवों ने यह साबित किया कि जब युवा और महिलाएं एक मंच पर साथ आते हैं, तो कोई भी अभियान जनांदोलन बन जाता है।
मेला – ग्रामीण उत्पाद, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहयोग का केंद्र
मेले में SHG महिला सदस्यों ने हस्तनिर्मित उत्पादों, हस्तशिल्प, स्थानीय व्यंजनों और घरेलू सामानों की भव्य प्रदर्शनी लगाई। हर स्टॉल एक नई कहानी, आत्मनिर्भरता और मेहनत की झलक थी। ग्राहकों, आगंतुकों और प्रशासनिक अधिकारियों का सहयोग प्रतिभागियों के लिए बेहद प्रेरणादायक रहा।
मेलें के दौरान, महिला उद्यमियों और युवा वालंटियर्स की भागीदारी से न केवल व्यापार बाजार को, बल्कि सामाजिक कनेक्ट और उद्यमशीलता सोच को भी नयी दिशा मिली।
आमजनों से अनुरोध
सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे परिवार और मित्रों के साथ “आकांक्षा हाट मेला” में ज़रूर आएं, लोकल उत्पादों और महिला उद्यमिता को अपना समर्थन दें। आपकी सहभागिता से ग्रामीण महिलाओं और कारीगरों के कदम और मजबूत होंगे, और आत्मनिर्भर भारत का सपना और साकार होगा।
यह आयोजन एक आंदोलन है—आपकी उपस्थिति और समर्थन, इसकी सबसे बड़ी शक्ति हैं। सियान सदन में आपका हार्दिक स्वागत है!








