बरसात में उधड़ी सड़कें बनीं चुनावी मुद्दा, जिम्मेदारियों से बचते दिखे नेता, जनता परेशान

कोरबा। मानसून की पहली झमाझम बारिश ने शहर की सड़कों की पोल खोल दी है। जगह-जगह उधड़ी सड़कें, गड्ढे और निकली हुई गिट्टियाँ आमजन के लिए बड़ी मुसीबत बन गई हैं। लेकिन इस विकराल होती समस्या पर समाधान ढूंढने के बजाय नेता एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप में उलझे हुए हैं।

बारिश के चलते कई इलाकों में सड़कों की हालत इतनी खराब हो गई है कि वहां से पैदल निकलना भी जोखिम भरा हो गया है। लोग सड़क पर फिसलकर गिर रहे हैं, वाहन चालकों को भारी दिक्कतें हो रही हैं। लेकिन इन हालातों में भी राजनीतिक दल जनता की चिंता छोड़कर सिर्फ एक-दूसरे पर कीचड़ उछालने में लगे हैं।

सत्ता पक्ष से पूर्व मंडल अध्यक्ष अजय विश्वकर्मा ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछले 10 वर्षों में कांग्रेस के महापौर ने भ्रष्टाचार से सड़कों को केवल दिखावे के लिए बनाया, जिसका नतीजा अब जनता भुगत रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भाजपा महापौर के कार्यकाल में मजबूत और टिकाऊ सड़कें बनाई जाएंगी।

वहीं नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा को केवल आरोप लगाना आता है, यदि पूर्व में घोटाले हुए हैं तो सरकार की एजेंसियाँ जांच क्यों नहीं कर रही? उन्होंने कहा कि सिर्फ बयानबाजी से नहीं, बल्कि ठोस काम से ही शहर बदलेगा।

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