आयकर रिटर्न 2025: ITR-1 से ITR-5 फॉर्म कौन भरे, क्या बदला इस साल? जानिए फाइलिंग की पूरी गाइड: प्रीती अग्रवाल

ITR फॉर्म्स का आसान विवरण (FY 2024-25)
ITR-1 (सहज):
यह फॉर्म उन भारतीय निवासियों के लिए है जिनकी कुल आय 50 लाख रुपये तक है। इसमें वेतन, एक घर से आय, और अन्य स्रोत (जैसे ब्याज) शामिल होते हैं। इसमें बिजनेस, प्रोफेशनल इनकम, कैपिटल गेन, या विदेशी संपत्ति/आय की अनुमति नहीं है।

ITR-2:
यह उन व्यक्तियों और HUF के लिए है, जिन्हें ITR-1 लागू नहीं होता। इसमें वेतन, एक से अधिक घर, कैपिटल गेन, विदेशी आय, लॉटरी आदि की रिपोर्टिंग कर सकते हैं। बिजनेस या प्रोफेशनल इनकम वाले इसमें फाइल नहीं कर सकते।

ITR-3:
यह उन व्यक्तियों और HUF के लिए है जो किसी फर्म में पार्टनर हैं या उनका खुद का बिजनेस/प्रोफेशन है। इसमें वेतन, घर, बिजनेस/प्रोफेशन इनकम, कैपिटल गेन, विदेशी आय, आदि की रिपोर्टिंग की जा सकती है।

ITR-4 (सुगम):
यह फॉर्म उन व्यक्तियों, HUF, और फर्म के लिए है जो प्रेसम्प्टिव इनकम स्कीम (सेक्शन 44AD, 44ADA, 44AE) अपनाते हैं और जिनका टर्नओवर 2 करोड़ रुपये तक है। इसमें वेतन, एक घर, बिजनेस/प्रोफेशन इनकम की रिपोर्टिंग होती है, लेकिन कैपिटल गेन नहीं दिखा सकते।

ITR-5:
यह पार्टनरशिप फर्म, LLP, AOP, BOI, ट्रस्ट आदि के लिए है। इसमें सभी प्रकार की इनकम की रिपोर्टिंग की जा सकती है, लेकिन कंपनियों को छोड़कर। इसमें डिटेल्ड इनकम रिपोर्टिंग जरूरी है।

इस साल के बड़े बदलाव (FY 2024-25)
ITR-1 और ITR-4 में LTCG रिपोर्टिंग: अब सेक्शन 112A के तहत 1.25 लाख रुपये तक के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन की रिपोर्टिंग की जा सकती है।

फॉर्म 10-IEA: नए टैक्स रेज़ीम से बाहर आने या पुराने में जाने के लिए यह फॉर्म भरना जरूरी है (ITR-3, 4, 5 के लिए)।

डिडक्शन चयन: अब 80C से 80U तक के डिडक्शन ड्रॉपडाउन से चुनने होंगे।

ITR-5 में बदलाव:

कैपिटल गेन को 23 जुलाई 2024 से पहले और बाद के हिसाब से अलग-अलग दिखाना होगा।

शेयर बायबैक लॉस की रिपोर्टिंग के लिए नया विकल्प।

सेक्शन 44BBC (प्रेसम्प्टिव टैक्सेशन) के लिए नया चेकबॉक्स।

TDS सेक्शन कोड भरना अब अनिवार्य।

फर्म/एलएलपी की पूरी डिटेल्स, दो मोबाइल और दो ईमेल आईडी देना जरूरी।

डिफॉल्ट टैक्स रेज़ीम: नया टैक्स रेज़ीम डिफॉल्ट रहेगा, पुराने के लिए विकल्प चुनना होगा।

ITR फाइलिंग की अंतिम तारीख: नॉन-ऑडिट केस के लिए अब 15 सितंबर 2025 (पहले 31 जुलाई थी)।

नई टैक्स स्लैब्स (FY 2024-25)
3 लाख रुपये तक कोई टैक्स नहीं।

3 लाख से 7 लाख रुपये तक 5% टैक्स।

7 लाख से 10 लाख रुपये तक 10% टैक्स।

10 लाख से 12 लाख रुपये तक 15% टैक्स।

12 लाख से 15 लाख रुपये तक 20% टैक्स।

15 लाख से ऊपर 30% टैक्स।

स्टैंडर्ड डिडक्शन: वेतनभोगियों के लिए 75,000 रुपये, फैमिली पेंशनर्स के लिए 25,000 रुपये।

सेक्शन 87A के तहत छूट: अब 12 लाख रुपये तक की टैक्सेबल इनकम पर कोई टैक्स नहीं (1 अप्रैल 2025 से लागू)।

सभी ITR फॉर्म्स अब “एनेक्सचर-लेस” हैं, यानी कोई डॉक्युमेंट अटैच नहीं करना है, लेकिन डॉक्युमेंट्स संभाल कर रखें।

सही फॉर्म चुनना जरूरी है, गलत फॉर्म से रिटर्न रिजेक्ट हो सकता है।

समय पर फाइल करें, लेट होने पर पेनल्टी लग सकती है।

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