CG Weather Update : आंध्र प्रदेश तट से टकराया Cyclone Murasu, छत्तीसगढ़ के मौसम को लेकर मौसम विभाग ने दी बड़ी चेतावनी
CG Weather Update : रायपुर। छत्तीसगढ़ में नवंबर महीने की शुरुआत बारिश और खराब मौसम के साथ हुई है। प्रदेश में चक्रवाती तूफानों का असर लगातार देखने को मिल रहा है। चक्रवात अर्नब के बाद अब बंगाल की खाड़ी से उठा नया चक्रवाती तूफान साइक्लोन मुरासु सक्रिय हो गया है। मंगलवार, 3 नवंबर की तड़के इस तूफान ने आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट पर दस्तक दी। इसके साथ ही लैंडफॉल की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मौसम प्रणाली के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, आज प्रदेश के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में एक-दो स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है। बस्तर संभाग में चक्रवात का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है।
आंध्र तट पर Cyclone Murasu का लैंडफॉल, छत्तीसगढ़ में अलर्ट
बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती सिस्टम ने धीरे-धीरे ताकत हासिल की और अब आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट से टकरा गया है। इसके प्रभाव से आसपास के क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। समुद्र से आने वाली नमी और हवाओं के कारण छत्तीसगढ़ में भी बादल छाए रहने और बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
विशेष रूप से दक्षिण छत्तीसगढ़ के बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर और कोंडागांव सहित आसपास के इलाकों में मौसम का असर अधिक दिखाई दे सकता है।
बस्तर संभाग में भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने 3 नवंबर को प्रदेश के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में एक-दो स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी दी है। बस्तर संभाग में बारिश की तीव्रता अपेक्षाकृत अधिक रह सकती है। वहीं, रायपुर और आसपास के मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में भी बादल छाने और कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है।
बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। ऐसे में खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, चक्रवात मुरासु के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में 6 नवंबर तक बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। यानी अगले कुछ दिनों तक प्रदेशवासियों को पूरी तरह शुष्क मौसम देखने को नहीं मिलेगा। अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता में अंतर रह सकता है।










