CG News : 250 टन स्क्रैप चोरी मामले में CBI का बड़ा एक्शन, 35 अधिकारियों की टीम करेगी जांच
CG News : रायपुर। छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से जुड़े करीब 250 टन लौह स्क्रैप की कथित संगठित चोरी के मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राज्य शासन से अनुमति मिलने के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस पूरे मामले की जांच अपने हाथ में लेने की तैयारी तेज कर दी है। जांच के लिए 35 सदस्यीय विशेष टीम का गठन किया गया है। यह टीम स्क्रैप चोरी के कथित नेटवर्क से लेकर संयंत्र से सामग्री की निकासी, दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन तक की पड़ताल करेगी। वहीं, इस मामले में दुर्ग पुलिस अब तक 21 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस की पिछली कार्रवाई में करीब 3 करोड़ 22 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी।
250 टन लौह स्क्रैप चोरी मामले में CBI की एंट्री
भिलाई स्टील प्लांट से जुड़े इस मामले ने औद्योगिक और प्रशासनिक क्षेत्रों में हलचल मचा दी है। करीब 250 टन लौह स्क्रैप की कथित चोरी को संगठित तरीके से अंजाम दिए जाने की आशंका जताई गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य शासन ने CBI जांच के लिए अनुमति प्रदान की। इसके बाद केंद्रीय जांच एजेंसी ने 35 सदस्यीय विशेष टीम गठित की है। टीम इस पूरे प्रकरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की गहराई से जांच करेगी।
चोरी के नेटवर्क और अधिकारियों की भूमिका की होगी पड़ताल
CBI की विशेष टीम का मुख्य फोकस स्क्रैप चोरी के कथित नेटवर्क का पता लगाना होगा। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि संयंत्र से इतनी बड़ी मात्रा में लौह स्क्रैप किस तरह बाहर निकाला गया।
इसके साथ ही सामग्री की निकासी से जुड़े दस्तावेजों, परिवहन व्यवस्था और वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जाएगी। यह भी पड़ताल की जाएगी कि चोरी के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे और कथित नेटवर्क किस तरह काम कर रहा था।
जांच एजेंसी संबंधित रिकॉर्ड और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने का प्रयास करेगी।
दुर्ग पुलिस पहले ही 21 आरोपियों को कर चुकी है गिरफ्तार
इस मामले में दुर्ग पुलिस पहले ही बड़ी कार्रवाई कर चुकी है। अब तक 21 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने जांच के दौरान लौह स्क्रैप, वाहन और भारी मशीनें भी जब्त की थीं।
पुलिस की कार्रवाई में जब्त संपत्ति का कुल मूल्य लगभग 3 करोड़ 22 लाख रुपये बताया गया है। इससे मामले में कथित चोरी के बड़े नेटवर्क की आशंका और गंभीर हो गई है।










