Bastar Dussehra 2026 : बस्तर दशहरा में मगरमुही रस्म संपन्न, विजय रथ निर्माण ने पकड़ी रफ्तार
Bastar Dussehra 2026 : जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा में परंपराओं और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। दशहरा पर्व की महत्वपूर्ण रस्म मगरमुही विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। इस अनुष्ठान के साथ ही आठ पहियों वाले विशाल विजय रथ के निर्माण कार्य ने भी रफ्तार पकड़ ली है। रस्म के दौरान खाती पुजारी ने पारंपरिक पूजा-पाठ किया। इसके बाद मान्यता के अनुसार मांगुर मछली और बकरे की बलि दी गई। स्थानीय परंपरा में इस अनुष्ठान को रथ निर्माण की सुरक्षा और निर्विघ्न संपन्नता से जोड़कर देखा जाता है।
क्या है मगरमुही रस्म?
बस्तर दशहरा की मगरमुही रस्म स्थानीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसे विजय रथ के निर्माण से जुड़ी विशेष रस्म माना जाता है। परंपरा के अनुसार, इस अनुष्ठान के माध्यम से रथ निर्माण कार्य की शुरुआत और आगे की प्रक्रिया के लिए देवी-देवताओं से आशीर्वाद मांगा जाता है।
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रस्म के दौरान खाती पुजारी द्वारा निर्धारित विधि-विधान से पूजा की जाती है। मांगुर मछली और बकरे की बलि भी पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार अनुष्ठान का हिस्सा होती है। मान्यता है कि इस पूजा से रथ निर्माण में आने वाली संभावित बाधाओं से रक्षा होती है।
आठ पहियों वाले विशाल विजय रथ का निर्माण
बस्तर दशहरा में विजय रथ का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। विशालकाय रथ का निर्माण पारंपरिक कारीगरी और सामूहिक श्रम से किया जाता है। आठ पहियों वाला यह रथ बस्तर की विशिष्ट दशहरा परंपरा की पहचान माना जाता है।
रथ निर्माण में लकड़ी के चयन से लेकर उसके विभिन्न हिस्सों को जोड़ने तक कई चरण शामिल होते हैं। स्थानीय कारीगर और परंपरागत रूप से इस कार्य से जुड़े लोग अपनी कुशलता के जरिए रथ को आकार देते हैं। मगरमुही रस्म पूरी होने के बाद निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
बस्तर दशहरा की परंपरा है अनूठी
बस्तर दशहरा देश के अन्य स्थानों पर मनाए जाने वाले दशहरा उत्सव से अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। यहां पर्व की परंपराएं स्थानीय देवी-देवताओं, आदिवासी संस्कृति और सदियों पुरानी धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी हैं।
इस उत्सव में कई पारंपरिक रस्में अलग-अलग चरणों में संपन्न होती हैं। इनमें मां दंतेश्वरी के प्रति श्रद्धा और बस्तर की सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाई देती है। विजय रथ का निर्माण और उससे जुड़ी रस्में इस पर्व के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हैं।










