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Chhattisgarh Coal Scam : कोयला घोटाला केस में बड़ा खुलासा, कवि सम्मेलन के लिए कुमार विश्वास को दिए गए 25 लाख

Chhattisgarh Coal Scam रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला घोटाला मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की ओर से पेश की गई पूरक चार्जशीट में कई अहम जानकारियों का उल्लेख किया गया है। चार्जशीट में चर्चित कवि डॉ. कुमार विश्वास को एक कार्यक्रम के लिए 25 लाख रुपये के भुगतान का जिक्र सामने आया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, यह भुगतान कथित तौर पर कोयला घोटाले से जुड़ी राशि से किया गया था।

चार्जशीट में दर्ज जानकारी के अनुसार, कांग्रेस शासनकाल के दौरान रायपुर के इंडोर स्टेडियम में एक कवि सम्मेलन आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में देश के कई चर्चित कवियों को आमंत्रित किया गया था। EOW की जांच में कार्यक्रम से संबंधित खर्च और भुगतान से जुड़े दस्तावेज सामने आने की बात कही गई है।

देवेंद्र यादव और सूर्यकांत तिवारी की चैट का हवाला

EOW ने इस लेनदेन से जुड़ी जानकारी को कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव और कोयला घोटाला मामले के आरोपी सूर्यकांत तिवारी के बीच हुई कथित चैट के आधार पर चार्जशीट में शामिल किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, चैट में कार्यक्रम और भुगतान से संबंधित जानकारी सामने आई थी, जिसके बाद इस लेनदेन को जांच के दायरे में लिया गया।

‘हमर भांचा राम’ कार्यक्रम से जुड़ा मामला

यह पूरा मामला खैरागढ़ उपचुनाव के दौरान आयोजित कवि कुमार विश्वास के ‘हमर भांचा राम’ कार्यक्रम से भी जुड़ा बताया जा रहा है। उस दौरान कार्यक्रम को लेकर भाजपा की ओर से निर्वाचन आयोग में शिकायत भी की गई थी।

भाजपा की शिकायत में आरोप लगाया गया था कि रामनवमी पर शोभायात्रा निकालने की अनुमति नहीं दी जा रही थी, जबकि कांग्रेस की ओर से आयोजित कुमार विश्वास के कार्यक्रम को अनुमति प्रदान की गई थी।

चार्जशीट के पेज 66 पर 25 लाख का उल्लेख

EOW की पूरक चार्जशीट के पेज नंबर 66 पर डॉ. कुमार विश्वास को 25 लाख रुपये दिए जाने का उल्लेख बताया गया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में कार्यक्रम में शामिल अन्य कवियों को किए गए भुगतान का विवरण सामने नहीं आया है। चार्जशीट में विशेष रूप से कुमार विश्वास को किए गए 25 लाख रुपये के भुगतान का उल्लेख किया गया है।

फिलहाल यह जानकारी EOW की पूरक चार्जशीट में दर्ज जांच और दस्तावेजों के आधार पर सामने आई है। मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया के दौरान संबंधित पक्षों का पक्ष और अदालत का रुख महत्वपूर्ण होगा। चार्जशीट में किसी लेनदेन का उल्लेख होना अपने आप में संबंधित व्यक्ति की आपराधिक संलिप्तता साबित नहीं करता; अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया में तय होगा।

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