गणेश विसर्जन में पुलिस से गाली-गलौज, डीजे बंद कराने पहुंची टीम से अभद्रता; आरोपी गिरफ्तार

कोरबा। गणेश विसर्जन कार्यक्रम के दौरान निर्धारित ध्वनि मानकों और कानून-व्यवस्था का पालन कराने पहुंची उरगा पुलिस टीम के साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज करने का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, डीजे की आवाज कम करने अथवा बंद करने की समझाइश के दौरान एक युवक ने प्रशिक्षु उपनिरीक्षक के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए शासकीय कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की है।

आमपाली में गणेश विसर्जन के दौरान बज रहा था डीजे

पुलिस के अनुसार, 20 सितंबर 2026 की रात करीब 9 बजे थाना उरगा क्षेत्र के ग्राम आमपाली मुख्य मार्ग पर गणेश विसर्जन कार्यक्रम चल रहा था। इस दौरान डीजे बजाया जा रहा था।

कानून-व्यवस्था और निर्धारित ध्वनि मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए पुलिस पार्टी मौके पर पहुंची थी। पुलिसकर्मी डीजे बंद करने अथवा उसकी आवाज निर्धारित सीमा के भीतर रखने के लिए आयोजकों और संबंधित लोगों को समझाइश दे रहे थे।

पुलिस टीम से अभद्रता और गाली-गलौज का आरोप

इसी दौरान सुनील कुमार खड़िया, पिता वीर सिंह, उम्र 34 वर्ष, निवासी आमपाली, थाना उरगा, जिला कोरबा द्वारा पुलिस पार्टी के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया गया।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने प्रशिक्षु उपनिरीक्षक नेमदास के साथ गाली-गलौज की और शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने का प्रयास किया।

मामले में थाना उरगा में अपराध क्रमांक 522/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 221 और 296 बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया।

आरोपी गिरफ्तार, डीजे संचालक पर भी कार्रवाई

घटना के बाद उरगा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सुनील कुमार खड़िया को गिरफ्तार कर लिया। प्रकरण में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की गई है।

वहीं, गणेश विसर्जन के दौरान निर्धारित ध्वनि मानकों का उल्लंघन कर डीजे बजाने के मामले में संबंधित डीजे संचालक के खिलाफ कोलाहल अधिनियम के तहत पृथक कार्रवाई की जा रही है।

कोरबा पुलिस ने लोगों से की अपील

कोरबा पुलिस ने धार्मिक और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान निर्धारित नियमों एवं ध्वनि मानकों का पालन करने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस द्वारा दिए जा रहे निर्देशों का सहयोगपूर्वक पालन किया जाए।

पुलिस ने स्पष्ट किया कि शासकीय कार्य में बाधा डालने, पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार करने अथवा कानून का उल्लंघन करने पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

About The Author