सांसद ने रेल, भू-विस्थापन, स्वास्थ्य और सड़क समस्याओं पर उठाए सवाल, बोलीं- जनहित के मुद्दों पर राजनीति से ऊपर उठकर हो काम

कोरबा। पत्रकार वार्ता में सांसद ने कोरबा और पूरे संसदीय क्षेत्र से जुड़े स्वास्थ्य, रेल, सड़क, भू-विस्थापन, रोजगार, प्रदूषण और पर्यटन सहित कई मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि कोरबा और छत्तीसगढ़ के जनहित के मुद्दों पर राजनीति से ऊपर उठकर काम होना चाहिए। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से लंबित समस्याओं पर गंभीरता से पहल करने की मांग की।

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग

सांसद ने कहा कि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कोरबा के मेडिकल कॉलेज में स्नातकोत्तर और एमबीबीएस सीटें बढ़ाने के प्रयासों का भी उल्लेख किया और कहा कि इस दिशा में पहल सार्थक रही है।

उन्होंने कोरबा के ईएसआईसी अस्पताल की व्यवस्थाओं का मुद्दा भी उठाया। सांसद के मुताबिक अस्पताल में डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और अन्य पद रिक्त हैं, जिसके कारण अस्पताल की सेवाओं को लेकर समस्याएं बनी हुई हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से रिक्त पदों पर भर्ती की दिशा में ध्यान देने की मांग की।

DMF फंड का प्रभावित क्षेत्रों में अधिक उपयोग की मांग

सांसद ने कोरबा जिले के DMF फंड के उपयोग को लेकर भी बात रखी। उन्होंने कहा कि खनन गतिविधियों से प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्रों में DMF राशि का अधिक उपयोग होना चाहिए। इस संबंध में कलेक्टर से चर्चा किए जाने की जानकारी भी उन्होंने दी।

उन्होंने कोरबा शहर के साथ उपनगरों और ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों की स्थिति को भी चिंता का विषय बताया। 16 सितंबर को हुई दिशा समिति की बैठक में कलेक्टर के सामने सड़क सुधार और नए निर्माण कार्यों का मुद्दा उठाने की बात कही।

रेल सुविधाओं को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल

पत्रकार वार्ता में कोरबा की रेल सुविधाओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। सांसद ने कहा कि कोरबा, चिरमिरी, अंबिकापुर और बिलासपुर से जुड़ी यात्री सुविधाओं, ट्रेनों के ठहराव, विस्तार और नई यात्री ट्रेनों के संचालन को लेकर लगातार रेलवे अधिकारियों, रेल मंत्रालय और रेल बोर्ड के समक्ष मांगें रखी गई हैं।

उन्होंने कहा कि कोरोना काल में बंद हुई कुछ यात्री ट्रेनों को दोबारा शुरू करने के लिए भी पत्राचार किया गया है। सांसद ने आरोप लगाया कि कोरबा से रेलवे को बड़ी मात्रा में राजस्व मिलने के बावजूद यात्री सुविधाओं के मामले में अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

उन्होंने सवाल उठाया कि रेलवे की प्राथमिकता क्या केवल कोयला परिवहन तक सीमित है और यात्री सुविधाओं व यात्री ट्रेनों पर उतना ध्यान क्यों नहीं दिया जा रहा।

तीजा-पोरा के दौरान ट्रेनों के रद्द होने का मुद्दा

सांसद ने तीजा और पोरा जैसे पर्वों के दौरान लोकल ट्रेनों के रद्द होने से यात्रियों को हुई परेशानी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इससे बड़ी संख्या में यात्रियों, विशेषकर पर्व के दौरान यात्रा करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

उन्होंने जानकारी दी कि अगले महीने रेल मंत्री के बिलासपुर आगमन के दौरान कोरबा से जुड़ी रेल समस्याओं को प्रमुखता से रखा जाएगा। इसके अलावा मंडल स्तरीय सांसदों की बैठक के लिए मांगे गए प्रस्ताव भी भेजे जा चुके हैं।

भू-विस्थापितों की समस्याओं पर SECL को घेरा

कोरबा में भू-विस्थापन का मुद्दा उठाते हुए सांसद ने हरदीबाजार, अमगांव, चुरैल, पाली और पड़नियां सहित कई क्षेत्रों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में SECL द्वारा जमीन अधिग्रहण के बाद मुआवजा, नौकरी और बसाहट से जुड़ी समस्याएं सामने आ रही हैं।

सांसद ने आरोप लगाया कि कई प्रभावित परिवारों को अपनी मांगों को लेकर विरोध करना पड़ रहा है और कुछ मामलों में मकान खाली कराने की कार्रवाई भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की जमीन वर्षों बाद अधिग्रहित की जा रही है, उन्हें वर्तमान दर के आधार पर मुआवजा दिए जाने पर विचार होना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि पुनर्वास और बसाहट की व्यवस्था पूरी किए बिना प्रभावित परिवारों के मकान तोड़े जाने का मामला गंभीर है।

SECL कर्मचारियों और स्थानीय रोजगार का मुद्दा

सांसद ने मेडिकल रूप से अनफिट SECL कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी देने और मेडिकल बोर्ड की बैठकों से जुड़े मुद्दे भी उठाए। उन्होंने कहा कि मेडिकल बोर्ड की बैठकें लंबे समय से नहीं होने से कर्मचारियों के मामलों का निराकरण प्रभावित हो रहा है।

उन्होंने SECL में काम कर रही बड़ी ठेका कंपनियों में स्थानीय बेरोजगारों और भू-विस्थापित परिवारों को रोजगार दिए जाने की मांग भी रखी। सांसद ने कहा कि स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलना चाहिए।

पर्यटन को बढ़ावा देने की बात

सांसद ने कोरबा के धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों को पर्यटन के रूप में विकसित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कनकी, चैतुरगढ़, कुदुरमाल, मड़वारानी, हनुमानगढ़ी, कोसगई और मातिन दाई जैसे स्थलों को पर्यटन के रूप में विकसित करने की बात कही।

उन्होंने बताया कि विभिन्न निधियों के माध्यम से कुछ स्थानों पर उनकी अनुशंसा से विकास कार्य भी कराए गए हैं।

सुनालिया अंडरब्रिज और यातायात का मुद्दा

कोरबा की यातायात व्यवस्था को भी सांसद ने गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि सुनालिया अंडरब्रिज की मांग पहले से उठाई जाती रही है, लेकिन निर्माण में देरी हो रही है। 16 सितंबर की दिशा समिति की बैठक में उन्होंने कलेक्टर से इस दिशा में पहल करने को कहा।

बढ़ते प्रदूषण पर भी जताई चिंता

कोरबा में बढ़ते प्रदूषण को लेकर भी सांसद ने चिंता जताई। उन्होंने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण के संबंध में संबंधित मंत्री को पत्र लिखा गया है। उनकी पहल पर दीपका में सड़क से उड़ने वाली धूल को कम करने के लिए डस्ट रिमूविंग मशीन के इस्तेमाल की बात भी कही गई।

महंगाई और रोजगार को लेकर सरकार से सवाल

प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर शुभकामनाएं देते हुए सांसद ने कहा कि लोकतंत्र में शुभकामनाओं के साथ सवाल पूछना भी विपक्ष और जनप्रतिनिधियों का अधिकार है। उन्होंने महंगाई, रोजगार, पेट्रोल-डीजल की कीमत, किसानों और आम आदमी की समस्याओं को लेकर सरकार से जवाब देने की मांग की।

उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि सरकार की योजनाओं और घोषणाओं का जमीन पर कितना असर दिखाई दे रहा है, इसका जवाब जनता को मिलना चाहिए।

सांसद ने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि कोरबा और पूरे छत्तीसगढ़ के जनहित से जुड़े मुद्दों पर राजनीति से ऊपर उठकर काम हो।

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