कोरबा में कृषि विस्तार अधिकारी निलंबित, बिना सूचना ड्यूटी से अनुपस्थित रहने का आरोप; किसानों से जुड़े कामों की जांच की मांग

कोरबा। कटघोरा कृषि विभाग में पदस्थ ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी देवशरण पैकरा को लंबे समय तक बिना सूचना और स्वीकृत अवकाश के कार्यक्षेत्र से अनुपस्थित रहने के मामले में निलंबित कर दिया गया है। उप संचालक कृषि, जिला कोरबा ने 15 सितंबर 2026 को निलंबन आदेश जारी किया।

विभागीय आदेश के मुताबिक, देवशरण पैकरा कटघोरा और जेंजरा क्षेत्र में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के रूप में पदस्थ थे। आदेश में कहा गया है कि वह 1 अगस्त 2026 से बिना सूचना और स्वीकृत अवकाश के कार्यक्षेत्र से अनुपस्थित थे।

सिविल सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन का मामला

विभाग ने अधिकारी की अनुपस्थिति को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम 3 का उल्लंघन माना है। अनुशासनात्मक कार्रवाई के प्रस्ताव और विभागीय पत्राचार के आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1) के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है।

निलंबन अवधि के दौरान देवशरण पैकरा का मुख्यालय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, विकासखंड पोड़ी-उपरोड़ा कार्यालय निर्धारित किया गया है। आदेश के अनुसार उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

किसानों से जुड़े कार्य प्रभावित होने का मुद्दा

मामला सामने आने के बाद भाजपा झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक राजेश यादव ने अधिकारी की अनुपस्थिति से किसानों से जुड़े काम प्रभावित होने की आशंका जताई है। उन्होंने कटघोरा और जेंजरा क्षेत्र में कृषि विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन और किसानों को मिलने वाली सेवाओं की भी जांच कराने की मांग की है।

यादव ने कहा कि किसानों को कृषि योजनाओं, तकनीकी मार्गदर्शन और विभागीय सेवाओं का लाभ समय पर मिले, इसके लिए क्षेत्र में तत्काल वैकल्पिक अधिकारी की व्यवस्था की जानी चाहिए।

महिला कर्मचारियों को लेकर लगाए आरोपों की जांच की मांग

राजेश यादव ने संबंधित अधिकारी पर महिला अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति कथित आपत्तिजनक एवं अभद्र टिप्पणियां करने के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप में इस तरह की टिप्पणियां की गई हैं, तो संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल सामने नहीं आई है।

कृषि मंत्री और कलेक्टर को जानकारी देने की बात

राजेश यादव ने बताया कि वह मामले की जानकारी कृषि मंत्री रामविचार नेताम, कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव और कलेक्टर कोरबा को देने की बात कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि उद्देश्य किसी व्यक्ति को निशाना बनाना नहीं, बल्कि किसानों से जुड़े विभागीय कार्यों को सुचारू रखना है।

फिलहाल निलंबन की कार्रवाई अधिकारी की लंबे समय तक बिना सूचना अनुपस्थिति के आधार पर की गई है। अन्य लगाए गए आरोपों पर विभागीय जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

About The Author