गर्भवती महिला को खाट पर ले जाने का वीडियो वायरल’ कोरबा के राजाडाही में 500 मीटर सड़क के लिए ग्रामीण सालों से कर रहे गुहार
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में विकास के दावों के बीच वनांचल क्षेत्र की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद चर्चा का विषय बन गई है। कोरबा जनपद पंचायत क्षेत्र के बरपाली गांव के राजाडाही में एक गर्भवती महिला को खाट पर लिटाकर कीचड़ भरे रास्ते से ले जाने का वीडियो सामने आया है।
वीडियो में ग्रामीण महिला को खाट पर उठाकर मुख्य सड़क की ओर ले जाते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि गांव तक पहुंचने वाला रास्ता बारिश के दिनों में बेहद खराब हो जाता है, जिसके कारण एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएं भी बस्ती तक नहीं पहुंच पातीं।
सिर्फ 500 मीटर की सड़क बनी बड़ी परेशानी
जंगलों के बीच बसे राजाडाही गांव में 600 से अधिक लोग रहते हैं। ग्रामीणों के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्र से बस्ती पारा तक करीब 500 मीटर का रास्ता वर्षों से खराब है।
बारिश होते ही यह कच्चा मार्ग कीचड़ और गड्ढों में बदल जाता है। कई जगह घुटनों तक कीचड़ भरने की स्थिति बन जाती है। ऐसे में ग्रामीणों का पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।
स्कूल जाने वाले बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले लोगों को इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में उनकी मुश्किलें कई गुना बढ़ जाती हैं।
एंबुलेंस नहीं पहुंचती, खाट पर मरीज ले जाने की मजबूरी
ग्रामीणों के मुताबिक सबसे गंभीर समस्या तब पैदा होती है, जब किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक खराब हो जाए या गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने की जरूरत पड़े। सड़क खराब होने के कारण एंबुलेंस गांव के भीतर तक नहीं पहुंच पाती।
ऐसी स्थिति में ग्रामीणों और परिजनों को मरीजों को खाट पर उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। वायरल वीडियो में भी एक गर्भवती महिला को इसी तरह कीचड़ भरे रास्ते से ले जाते हुए देखा जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि आपात स्थिति में यह रास्ता जानलेवा साबित हो सकता है और समय पर इलाज नहीं मिलने का खतरा बना रहता है।
कई बार शिकायत के बाद भी नहीं बनी सड़क
राजाडाही के ग्रामीण लंबे समय से इस 500 मीटर मार्ग को पक्का करने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि जनपद पंचायत, पीडब्ल्यूडी और जिला प्रशासन के अधिकारियों को कई बार इस समस्या से अवगत कराया गया है।
ग्रामीणों ने जनदर्शन और विभिन्न समाधान शिविरों में भी सड़क निर्माण के लिए आवेदन दिए हैं। इसके बावजूद, ग्रामीणों के अनुसार अब तक सड़क निर्माण को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।









