8 सूत्रीय मांगों को लेकर ग्रामीणों का चक्काजाम’ कोरबा के नकटीखार में सड़क पर बैठे कई गांवों के लोग, 2 घंटे बाद समाप्त हुआ आंदोलन
कोरबा। जिले के नकटीखार क्षेत्र में विभिन्न समस्याओं और 8 सूत्रीय मांगों को लेकर कई गांवों के ग्रामीणों ने सड़क पर बैठकर चक्काजाम किया। बड़ी संख्या में ग्रामीण आंदोलन में शामिल हुए और अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। चक्काजाम के कारण मार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा और दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं।
ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर लंबे समय से मांग की जा रही है, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं मिलने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
कई गांवों के लोग आंदोलन में हुए शामिल
नकटीखार में आयोजित चक्काजाम में आसपास के कई गांवों के ग्रामीण शामिल हुए। महिला, पुरुष और बुजुर्ग सड़क पर बैठकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करते नजर आए।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांगों पर जल्द कार्रवाई करने की अपील की। उनका कहना था कि क्षेत्र की समस्याओं का सीधा असर आम लोगों के दैनिक जीवन पर पड़ रहा है। कई बार शिकायत और आवेदन देने के बावजूद समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती गई।
करीब 2 घंटे तक प्रभावित रहा आवागमन
ग्रामीणों के सड़क पर बैठने से करीब दो घंटे तक चक्काजाम की स्थिति बनी रही। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्रा करने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थिति की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों और आंदोलनकारियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और मामले का समाधान निकालने का प्रयास किया।
प्रशासनिक अधिकारियों ने की चर्चा
मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने ग्रामीणों के प्रतिनिधियों से बातचीत की। आंदोलनकारियों ने अपनी 8 सूत्रीय मांगों को अधिकारियों के सामने रखा और मांगों पर ठोस कार्रवाई की मांग की।
अधिकारियों की ओर से ग्रामीणों को उनकी समस्याओं पर नियमानुसार विचार करने और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। बातचीत के बाद धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होने लगी।
आश्वासन के बाद समाप्त हुआ चक्काजाम
प्रशासनिक अधिकारियों के साथ चर्चा और आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने करीब दो घंटे बाद चक्काजाम समाप्त कर दिया। इसके बाद सड़क पर यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो गया।
हालांकि ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे फिर आंदोलन करने पर विचार कर सकते हैं।









