कोरबा के बाद अब सरगुजा में सड़क पर उतरी एकलव्य विद्यालय की छात्राएं, हॉस्टल में 3 महीने से बिजली गुल’ पढ़ाई और मेस की बदहाली से परेशान छात्राएं पैदल कलेक्टर से मिलने निकलीं
सरगुजा। छत्तीसगढ़ में छात्रावासों की अव्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर मामला सामने आया है। कोरबा के बाद अब सरगुजा जिले में एकलव्य विद्यालय की छात्राएं अपनी समस्याओं को लेकर सड़क पर उतर आईं। छात्राओं का आरोप है कि हॉस्टल में पिछले तीन महीने से बिजली व्यवस्था ठप है, जिसके कारण पढ़ाई के साथ-साथ रोजमर्रा की जिंदगी भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
बिजली संकट के अलावा छात्राओं ने मेस की व्यवस्था और छात्रावास में अन्य सुविधाओं की बदहाली को लेकर भी नाराजगी जताई। समस्याओं से परेशान छात्राएं पैदल ही कलेक्टर तक अपनी बात पहुंचाने के लिए निकल पड़ीं, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।
तीन महीने से बिजली गुल होने का आरोप
छात्राओं के अनुसार, हॉस्टल में लंबे समय से बिजली की समस्या बनी हुई है। करीब तीन महीने से बिजली नहीं होने के कारण रात के समय पढ़ाई करना मुश्किल हो गया है। गर्मी और अंधेरे के बीच छात्राओं को छात्रावास में रहने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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छात्राओं का कहना है कि उन्होंने अपनी समस्याओं से संबंधित लोगों और अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन समय पर समाधान नहीं होने से उन्हें सड़क पर उतरकर अपनी आवाज उठानी पड़ी।
पढ़ाई पर पड़ रहा असर
हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं के लिए बिजली केवल सुविधा नहीं, बल्कि पढ़ाई का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं मिलने से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
छात्राओं का कहना है कि परीक्षाओं और नियमित कक्षाओं की तैयारी के बीच बिजली की समस्या उनके भविष्य को प्रभावित कर रही है। लंबे समय तक समस्या का समाधान नहीं होने से छात्राओं में नाराजगी बढ़ती गई।
मेस की व्यवस्था को लेकर भी शिकायत
बिजली संकट के साथ-साथ छात्राओं ने हॉस्टल की मेस व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। भोजन और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर छात्राओं ने अपनी नाराजगी जाहिर की।
छात्रावास में रहने वाले बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण, समय पर भोजन, बिजली-पानी और पढ़ाई की बेहतर सुविधा सुनिश्चित करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसे में छात्राओं द्वारा सड़क पर उतरकर विरोध करना व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।









