कोरबा की जलपरी भूमि गुप्ता को प्रदेश का सर्वोच्च खेल पुरुस्कार2024-25 का “शहीद राजीव पाण्डये अवार्ड्स “से अलंकृत किया मुख्य मंत्री विष्णु देव साय ने किया
कोरबा की भूमि गुप्ता ने 8 साल की उम्र में गर्मियों की छुट्टियों में स्विमिंग कैंप में तैराकी सीखना शुरू किया और यही खेल उनका जुनून बन गया। हाल ही 38वें राष्ट्रीय खेलों में भूमि ने तैराकी में पहला पदक दिलाया है। यह पदक छत्तीसगढ़ अलग राज्य बनने के बाद पहली बार तैराकी में मिला है। इसके अलावा हल्द्वानी में आयोजित प्रतियोगिता में भूमि ने 200 मीटर आईएम में कांस्य पदक जीतकर प्रदेश की पहली नेशनल गेस पदक विजेता तैराक बनीं। कंधे की सर्जरी के बाद खेल से कुछ समय दूर रहना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। मेंटल हैल्थ ट्रेनिंग लेकर खुद को फिर से तैयार किया और शानदार वापसी की। भूमि कहती हैं, ‘लड़कियों को कभी हार नहीं माननी चाहिए। हमेशा प्रयास करते रहना चाहिए और इसके लिए परिवार का सहयोग बहुत जरूरी होता है।
भूमि 2017 में हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग के लिए मुंबई शिफट हो गईं, जहां उन्होंने पढ़ाई और ट्रेनिंग दोनों जारी रखी। 2018-19 में दिल्ली में हुई एसजीएफआई नेशनल स्विमिंग चैंपियनशिप में उन्होंने दो सिल्वर और दो ब्रॉन्ज मेडल जीते।
भूमि को समस्त खेल प्रेमियों ने बधाई दी है।तैराकी संघ के पदाधिकारीयों ने शुभ कामनाएं दी है। इस शुभ अवसर पर भूमि गुप्ता का उत्साह वर्धन के लिए पूरा वृंदा परिवार अलंकरर्ण समारोह के उपास्थि होकर भूमि का उत्साहवर्धन किया।









