KORBA : बांगो बांध के 9 गेट खुले, 41 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया’ सीतामणी के घरों में घुसा हसदेव नदी का पानी
कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में लगातार बारिश और हसदेव नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच मिनीमाता हसदेव बांगो बांध के 9 गेट खोल दिए गए हैं। बांध से करीब 41 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी सामने आई है। बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद नदी का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
सीतामणी इलाके में घरों तक पहुंचा पानी
बांध से पानी छोड़े जाने के बाद हसदेव नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी देखने को मिली है। कोरबा के सीतामणी क्षेत्र में नदी का पानी कई घरों तक पहुंचने की सूचना है। कुछ इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
हसदेव बांगो बांध के 9 गेट खुले, 41,080 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा’ 358.60 मीटर पर स्थिर जलस्तर
पानी घरों के आसपास पहुंचने के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। प्रभावित परिवार अपने जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों पर रखने की कोशिश कर रहे हैं। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
41 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया
जानकारी के अनुसार बांध के कुल 9 गेट खोले गए हैं और इनसे बड़ी मात्रा में पानी हसदेव नदी में छोड़ा जा रहा है। करीब 41 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से नदी के बहाव में तेजी आई है। जलस्तर को देखते हुए नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
बांध में पानी की आवक और जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। बारिश और पानी की आवक के आधार पर आगे गेटों की स्थिति में बदलाव किया जा सकता है।
निचले इलाकों में बढ़ा खतरा
हसदेव नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन की ओर से लोगों को नदी के आसपास जाने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जा सकती है। स्थानीय लोगों को विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को पानी के बहाव से दूर रखने की जरूरत है।
प्रशासन की नजर, लोगों से सतर्क रहने की अपील
बांध से पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासनिक और राहत दल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति का आकलन किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी भी की जा सकती है।
फिलहाल लगातार बारिश और बांध से पानी छोड़े जाने के कारण कोरबा के नदी किनारे के इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। लोगों से अपील है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।









