कोरबा के पोड़ी उपरोड़ा हॉस्टल की छात्राओं ने लगाए गंभीर आरोप, कहा- जबरन मालिश और घरेलू काम करवाती हैं अधीक्षिका
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा स्थित 100 सीटर कन्या छात्रावास की छात्राओं ने अधीक्षिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्राओं का कहना है कि उनसे कथित तौर पर जबरन मालिश कराने के साथ-साथ घरेलू काम भी करवाया जाता है। शिकायत सामने आने के बाद NSUI की टीम छात्रावास पहुंची और छात्राओं से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है।
छात्राओं ने बताई अपनी परेशानी
छात्राओं के अनुसार, छात्रावास में पढ़ाई और रहने के लिए आने वाली छात्राओं से उनकी क्षमता और जिम्मेदारी से बाहर के काम कराए जा रहे हैं। आरोप है कि अधीक्षिका कथित तौर पर कुछ छात्राओं से मालिश करवाती हैं और घरेलू काम भी करने के लिए कहती हैं।
प्रशांति वृद्धाश्रम में बुजुर्गों ने उत्साह से मनाया स्वतंत्रता दिवस, तिरंगे को दी सलामी
छात्राओं ने NSUI प्रतिनिधियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं और छात्रावास में होने वाली कथित गतिविधियों की जानकारी दी। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए NSUI ने प्रशासन से मामले की जांच कराने की मांग की है।
NSUI की टीम ने छात्राओं से की मुलाकात
शिकायत मिलने के बाद NSUI की टीम छात्रावास पहुंची। संगठन के पदाधिकारियों ने छात्राओं से अलग-अलग बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास किया।
NSUI नेताओं का कहना है कि छात्रावास में रहने वाली छात्राओं को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिलना चाहिए। यदि छात्राओं से जबरन कोई काम कराया जा रहा है तो इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
NSUI ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि छात्राओं के आरोपों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए और जांच के दौरान छात्राओं की सुरक्षा और गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
संगठन ने यह भी मांग की है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
छात्रावास व्यवस्था पर भी उठे सवाल
घटना के बाद कन्या छात्रावासों में छात्राओं की सुरक्षा, निगरानी और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। छात्रावासों में रहने वाली छात्राओं के लिए भोजन, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
ऐसे में किसी भी तरह की शिकायत सामने आने पर संबंधित अधिकारियों द्वारा समय पर जांच करना जरूरी माना जा रहा है।









