सोशल मीडिया पर तिरंगे के सम्मान से खिलवाड़! वायरल तस्वीर ने खड़े किए गंभीर सवाल, प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग

कोरबा। नगर दर्पण – सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इन दिनों ऐसी तस्वीरें और डिजिटल सामग्री सामने आ रही हैं, जिनमें देश के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का इस्तेमाल सामान्य फैशन या सजावटी प्रस्तुति के रूप में किया जा रहा है। ऐसी ही एक तस्वीर सोशल नेटवर्क पर प्रसारित हो रही है, जिसने राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा और उसके सम्मान को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

राष्ट्रीय ध्वज केवल तीन रंगों का कपड़ा नहीं, बल्कि देश की अस्मिता, स्वतंत्रता संग्राम और करोड़ों भारतीयों की भावनाओं का प्रतीक है। ऐसे में तिरंगे को इस तरह प्रस्तुत किया जाना आम नागरिकों की भावनाओं को आहत करने वाला विषय बन सकता है।

भारत सरकार का Flag Code of India, 2002 और Prevention of Insults to National Honour Act, 1971 राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और उपयोग से संबंधित नियम निर्धारित करते हैं। कानून में राष्ट्रीय ध्वज के अपमान या उसके प्रति अनादर को गंभीरता से लिया गया है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी भी तय हो

आज Instagram, Facebook, YouTube सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर AI और डिजिटल तकनीक से तैयार तस्वीरें तेजी से प्रसारित होती हैं। ऐसे में सवाल यह भी है कि राष्ट्रीय प्रतीकों से जुड़ी आपत्तिजनक या अपमानजनक सामग्री को रोकने के लिए प्लेटफॉर्म की निगरानी और शिकायत-निवारण व्यवस्था कितनी प्रभावी है।

यह भी जरूरी है कि किसी तस्वीर को देखकर बिना जांच के किसी व्यक्ति या प्लेटफॉर्म को सीधे दोषी न ठहराया जाए। लेकिन यदि जांच में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति कानूनन प्रतिबंधित अनादर की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्ति/निर्माता तथा प्रसारण से जुड़े पक्षों की जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

प्रशासन से सख्त निगरानी की मांग

देशवासियों की भावनाओं से जुड़े इस संवेदनशील विषय पर प्रशासन और संबंधित साइबर एजेंसियों को स्वतः संज्ञान लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित ऐसी सामग्री की जांच करनी चाहिए। साथ ही सोशल मीडिया कंपनियों को भी राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा से संबंधित शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।

तिरंगा हमारी आन, बान और शान है। डिजिटल दुनिया में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर राष्ट्रीय गौरव और सम्मान से समझौता नहीं होना चाहिए। प्रशासन को मामले की जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

गृह मंत्रालय भी समय-समय पर Flag Code और Prevention of Insults to National Honour Act के प्रावधानों के कड़ाई से पालन के निर्देश जारी करता रहा है।

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