NHAI का सख्त एक्शन प्लान, एंबुलेंस पहुंचने में देरी हुई तो लगेगा भारी जुर्माना
NHAI नई दिल्ली, 13 अगस्त 2026। नेशनल हाईवे पर सड़क हादसों में घायलों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सके, इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इमरजेंसी रिस्पांस व्यवस्था को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नए नियमों का उद्देश्य दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद राहत और बचाव कार्य में होने वाली देरी को कम करना है। इसके तहत एंबुलेंस को तय समयसीमा में घटनास्थल तक पहुंचना होगा। नियमों का पालन नहीं करने पर संबंधित एंबुलेंस ऑपरेटर और ठेकेदारों पर जुर्माना लगाया जा सकता है।
हादसे की सूचना मिलते ही सक्रिय होगी व्यवस्था
NHAI की नई व्यवस्था के तहत नेशनल हाईवे पर किसी दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम को तुरंत सक्रिय करने पर जोर दिया गया है। दुर्घटनास्थल तक एंबुलेंस की पहुंच में अनावश्यक देरी रोकने के लिए समयसीमा निर्धारित की जा रही है।
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इसका सीधा फायदा सड़क हादसों में घायल लोगों को मिलेगा, जिन्हें दुर्घटना के बाद जल्द से जल्द प्राथमिक उपचार और अस्पताल पहुंचाने की जरूरत होती है।
10 मिनट में पहुंचने का लक्ष्य
नई व्यवस्था का प्रमुख लक्ष्य हादसे की सूचना मिलने के बाद 10 मिनट के भीतर एंबुलेंस को घटनास्थल तक पहुंचाना है। हाईवे पर तैनात इमरजेंसी सेवाओं को इस समयसीमा का पालन करना होगा।
समय पर एंबुलेंस पहुंचने से दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को मौके पर प्राथमिक चिकित्सा देने और गंभीर स्थिति में तत्काल अस्पताल ले जाने में मदद मिलेगी।
देरी पर ऑपरेटर और ठेकेदारों पर कार्रवाई
NHAI ने इमरजेंसी सेवा में लापरवाही को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। निर्धारित समय में एंबुलेंस नहीं पहुंचने या सेवा में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित ऑपरेटर और ठेकेदारों पर आर्थिक दंड लगाया जा सकता है।
इससे हाईवे पर तैनात एंबुलेंस सेवाओं की जवाबदेही तय करने और रिस्पांस टाइम में सुधार लाने की उम्मीद है।
‘गोल्डन आवर’ में इलाज सबसे जरूरी
सड़क हादसे के बाद शुरुआती समय को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को जल्द चिकित्सा सहायता मिलने पर उसकी जान बचाने की संभावना बढ़ सकती है। इसी वजह से दुर्घटना के बाद के ‘गोल्डन आवर’ में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
एंबुलेंस के समय पर पहुंचने से घायल को प्राथमिक उपचार देने के साथ ही नजदीकी अस्पताल तक तेजी से पहुंचाया जा सकेगा।









