Korba Murder Case : फिल्म देखने को लेकर हुआ विवाद, पत्नी की हत्या कर कमरे में लगाई आग, पति को उम्रकैद की सजा
Korba Murder Case : कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में पत्नी की हत्या कर उसे हादसा साबित करने की कोशिश करने वाले आरोपी पति को अदालत ने आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। मामला फिल्म देखने जाने को लेकर पति-पत्नी के बीच हुए विवाद से शुरू हुआ था, जो देखते ही देखते खूनी वारदात में बदल गया। आरोपी ने पहले पत्नी का दम घोंटकर हत्या कर दी और फिर सबूत मिटाने के उद्देश्य से कमरे में आग लगा दी, ताकि घटना को दुर्घटना का रूप दिया जा सके। हालांकि पुलिस की गहन जांच और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले का खुलासा हो गया।
फिल्म देखने की बात पर शुरू हुआ था विवाद
अभियोजन पक्ष के अनुसार, पति-पत्नी के बीच फिल्म देखने जाने को लेकर कहासुनी हुई थी। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने अपना आपा खो दिया और गुस्से में पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद उसने खुद को बचाने के लिए पूरी घटना को हादसा दिखाने की साजिश रची।
कमरे में लगाई आग, हादसा साबित करने की कोशिश
पत्नी की हत्या के बाद आरोपी ने कमरे में आग लगा दी ताकि ऐसा लगे कि महिला की मौत आग लगने से हुई है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध लगा, जिसके बाद पुलिस ने हर पहलू से जांच शुरू की।
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फॉरेंसिक रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि महिला की मौत आग लगने से पहले दम घुटने के कारण हुई थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया।
वैज्ञानिक साक्ष्यों ने खोली साजिश की परतें
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। इन सबूतों से यह साबित हुआ कि आरोपी ने सुनियोजित तरीके से हत्या कर घटना को दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया था।
अदालत ने माना कि आरोपी के खिलाफ प्रस्तुत किए गए साक्ष्य पर्याप्त और विश्वसनीय हैं, जिसके आधार पर उसे दोषी ठहराया गया।
अदालत ने सुनाई उम्रकैद की सजा
सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही नियमानुसार अर्थदंड भी लगाया गया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि घरेलू विवाद के नाम पर किसी की जान लेना गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में कठोर दंड समाज के लिए आवश्यक संदेश देता है।









