CG NEWS : बीजापुर में नक्सलवाद को झटका’ 8 नक्सलियों का आत्मसमर्पण, उधर मोस्ट वांटेड मिसिर बेसरा पुलिस के हत्थे चढ़ा
CG NEWS : बीजापुर/रांची। वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। छत्तीसगढ़ और झारखंड में लंबे समय से सक्रिय रहे मोस्ट वांटेड नक्सली मिसिर बेसरा को झारखंड के सारंडा जंगल क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके साथ दो अन्य नक्सलियों को भी सुरक्षा बलों ने हिरासत में लिया है। मिसिर बेसरा पर झारखंड में हुए कई बड़े नक्सली हमलों और IED विस्फोटों में शामिल होने के आरोप हैं। इसी बीच छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में आठ नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है।
55 जवानों की शहादत से जुड़े मामले में आरोपी
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, मिसिर बेसरा लंबे समय से सुरक्षाबलों की सूची में वांछित था। उस पर कई नक्सली घटनाओं में शामिल होने के आरोप हैं, जिनमें सुरक्षाबलों को निशाना बनाकर किए गए IED विस्फोट भी शामिल हैं। जांच एजेंसियां उसके नेटवर्क, गतिविधियों और अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं।
बताया जा रहा है कि उसकी गिरफ्तारी के लिए लंबे समय से संयुक्त अभियान चलाया जा रहा था और आखिरकार सारंडा के जंगल में घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया।
डेढ़ करोड़ रुपये का था इनाम
मिसिर बेसरा पर विभिन्न राज्यों की ओर से कुल डेढ़ करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। वह कई वर्षों से सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। उसकी गिरफ्तारी को नक्सल विरोधी अभियान में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं, जिससे नक्सली नेटवर्क को और कमजोर करने में मदद मिलेगी।
बीजापुर में 8 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में भी सुरक्षाबलों को सफलता मिली है। यहां आठ नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर हिंसा का रास्ता छोड़ने का निर्णय लिया। अधिकारियों के अनुसार, सरकार की पुनर्वास नीति और लगातार चल रहे सुरक्षा अभियानों के कारण कई नक्सली संगठन छोड़कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत नियमानुसार सहायता और पुनर्वास की प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा।
बस्तर में कमजोर पड़ रहा माओवादी नेटवर्क
पिछले कुछ समय से बस्तर संभाग में सुरक्षा बलों द्वारा लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। इन अभियानों के चलते कई नक्सली मारे गए, कई गिरफ्तार हुए और बड़ी संख्या में उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार कार्रवाई और विकास कार्यों के कारण माओवादी संगठन का प्रभाव धीरे-धीरे कम हो रहा है।
सुरक्षा बल अब भी जंगलों में सर्च ऑपरेशन चलाकर सक्रिय नक्सलियों की तलाश कर रहे हैं।









