Korba Traffic Jam: गौ माता चौक से भिलाई खुर्द तक 2 किमी लंबा जाम, स्कूल बसें फंसीं, यात्रियों की छूटी ट्रेन
कोरबा। कोरबा-भिलाई मार्ग पर बुधवार सुबह भारी वाहनों के कारण भीषण जाम लग गया। गौ माता चौक से भिलाई खुर्द तक करीब 2 किलोमीटर लंबा जाम लगने से ट्रेलर, ट्रैक्टर, कार, बाइक और स्कूल बसों समेत सैकड़ों वाहन घंटों फंसे रहे। सुबह 6 बजे से 8 बजे तक चले इस जाम ने आम लोगों के साथ स्कूली बच्चों और रेलवे यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दीं।
ट्रेलर ब्रेकडाउन होने से बिगड़ी स्थिति
जानकारी के अनुसार, गौ माता चौक के पास एक ट्रेलर अचानक ब्रेकडाउन हो गया। इसके चलते पीछे से आ रहे भारी वाहनों की लंबी कतार लग गई। सड़क संकरी होने और ट्रेलरों की अधिक संख्या के कारण देखते ही देखते करीब 2 किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
स्कूल बसें फंसीं, बच्चों की पढ़ाई हुई प्रभावित
जाम में कई स्कूल बसें भी फंस गईं, जिससे दर्जनों बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच सके। कई छात्र 30 से 40 मिनट की देरी से अपनी कक्षाओं में पहुंचे। वहीं, चांपा रेलवे स्टेशन जाने वाले कई यात्रियों की ट्रेन भी छूट गई। लंबे समय तक जाम में फंसे रहने के बाद कुछ लोग पैदल ही अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए।
यातायात पुलिस ने संभाला मोर्चा
जाम की सूचना मिलते ही यातायात पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ब्रेकडाउन ट्रेलर को सड़क किनारे हटवाया और एक-एक कर वाहनों की आवाजाही शुरू कराई। करीब सुबह 8 बजे कड़ी मशक्कत के बाद यातायात व्यवस्था सामान्य हो सकी।
रोजाना जाम से परेशान हैं लोग
स्थानीय लोगों का कहना है कि गौ माता चौक से भिलाई खुर्द तक का मार्ग सुबह के समय अक्सर जाम की चपेट में रहता है। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही, सड़क की कम चौड़ाई और प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन की कमी के कारण रोजाना लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
लोगों ने बताया कि कुछ वाहन चालक नहर किनारे बने वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करने की कोशिश करते हैं, लेकिन बरसात के मौसम में वहां कीचड़ और जलभराव होने से वह रास्ता भी उपयोगी नहीं रह जाता।
लोगों ने की सड़क चौड़ीकरण और ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की मांग
वाहन चालकों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि सुबह के पीक आवर में भारी वाहनों के प्रवेश पर समय सीमा तय की जाए। साथ ही इस मार्ग पर नियमित रूप से यातायात पुलिस की तैनाती की जाए।
लोगों का कहना है कि गौ माता चौक से भिलाई खुर्द तक सड़क का चौड़ीकरण, ब्रेकडाउन वाहनों को तत्काल हटाने की व्यवस्था और बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन किया जाए, ताकि रोजाना लगने वाले जाम से स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों, मरीजों और यात्रियों को राहत मिल सके।









