राजधानी में राजनीतिक घमासान’ BJP घेराव के दौरान हिंसा के आरोप में कांग्रेस नेताओं पर FIR, जांच तेज
BJP रायपुर। राजधानी रायपुर में भाजपा द्वारा कांग्रेस मुख्यालय घेराव के दौरान हुए बवाल के मामले में पुलिस ने एक और एफआईआर दर्ज की है। इस बार खम्हारडीह थाना प्रभारी निरीक्षक भावेश कुमार गौतम की शिकायत पर कांग्रेस के 12 नामजद नेताओं और अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास किया और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर कांच की बोतल, पत्थर, लकड़ी और जूते फेंके।
शासकीय कार्य में बाधा और बल प्रयोग का आरोप
पुलिस के अनुसार घटना उस समय हुई जब भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस मुख्यालय की ओर बढ़ रहे थे और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की थी। आरोप है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के एक समूह ने पुलिस बल के साथ धक्का-मुक्की की, बैरिकेड हटाने की कोशिश की और स्थिति को तनावपूर्ण बना दिया।
एफआईआर में शासकीय कार्य में बाधा डालने, बल प्रयोग करने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कानून-व्यवस्था भंग करने से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस का कहना है कि घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।
पहले भी दर्ज हो चुकी है एफआईआर
इस मामले में यह दूसरी बड़ी एफआईआर मानी जा रही है। इससे पहले भी प्रदर्शन और झड़प के संबंध में अलग मामला दर्ज किया गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान लिए जा रहे हैं तथा उपद्रव में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।
कांग्रेस ने आरोपों को बताया राजनीतिक
वहीं कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई को राजनीतिक दबाव में की गई कार्रवाई बताया है। पार्टी का कहना है कि प्रदर्शन लोकतांत्रिक तरीके से किया जा रहा था और भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से उकसावे की स्थिति बनाई गई। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया है।
सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई
घटना के बाद कांग्रेस मुख्यालय और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी रखी जा रही है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे और कार्रवाई की जाएगी।









