Sonam Wangchuk News : सोनम वांगचुक ने सरकार को भेजा पत्र, बातचीत के बाद अनशन तोड़ने की जताई तैयारी

Sonam Wangchuk News : नई दिल्ली। लद्दाख के शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk ने संकेत दिए हैं कि यदि सरकार उनकी प्रमुख मांगों पर भरोसा दिलाती है तो वे अपना अनशन समाप्त कर सकते हैं। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती वांगचुक ने बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री Jagat Prakash Nadda और केंद्रीय मंत्री Jitendra Singh को पत्र लिखकर अपनी चिंताओं से अवगत कराया।

बच्चों पर कार्रवाई न करने की मांग

वांगचुक ने पत्र में कहा कि आंदोलन में शामिल छात्रों और बच्चों के खिलाफ किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने लिखा कि आंदोलन शांतिपूर्ण रहा है और इसमें शामिल युवाओं ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखी है। ऐसे में उनके भविष्य को प्रभावित करने वाली कोई भी कार्रवाई उचित नहीं होगी।

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उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार इस संबंध में स्पष्ट आश्वासन देती है और संवाद की प्रक्रिया आगे बढ़ाती है, तो वे अपना अनशन तोड़ने पर विचार करने को तैयार हैं।

मेदांता अस्पताल में चल रहा उपचार

सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर थे। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली से गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन लंबे अनशन के कारण कमजोरी बनी हुई है।

हाईकोर्ट ने फुटेज सुरक्षित रखने को कहा

इस बीच, आंदोलन के दौरान कथित मारपीट और पुलिस कार्रवाई से जुड़े मामले में हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। अदालत ने संबंधित अधिकारियों से कहा है कि घटना से जुड़े सभी सीसीटीवी और वीडियो फुटेज सुरक्षित रखे जाएं, ताकि भविष्य में जांच या सुनवाई के दौरान साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका न रहे।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि फुटेज नष्ट होने या गायब होने की शिकायत मिलती है, तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा।

आंदोलन और मांगें

वांगचुक लंबे समय से लद्दाख से जुड़े संवैधानिक और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। उनकी मांगों में पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय लोगों के अधिकारों की सुरक्षा और प्रशासनिक ढांचे में सुधार जैसे मुद्दे शामिल हैं। हाल के आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र और युवा भी शामिल हुए थे।

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