Mahadev Betting App Case : रायपुर ED कार्यालय में शेफाली बग्गा से सवाल-जवाब, डिजिटल प्रमोशन और फंडिंग की जांच जारी

Mahadev Betting App Case : रायपुर। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े बहुचर्चित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। इसी क्रम में शुक्रवार को चर्चित टीवी होस्ट और स्पोर्ट्स एंकर शेफाली बग्गा (Shefali Bagga) को रायपुर स्थित ईडी के जोनल कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया। जांच एजेंसी को संदेह है कि उनका संबंध इस मामले के प्रमुख आरोपी खंजन जगदीश कुमार ठक्कर से हो सकता है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या उन्होंने किसी रूप में महादेव बेटिंग ऐप के प्रचार-प्रसार में भूमिका निभाई थी।

आरोपी से संबंधों की जांच में जुटी ED

सूत्रों के अनुसार, ईडी की टीम ने शेफाली बग्गा से कई घंटों तक पूछताछ की। इस दौरान उनसे खंजन जगदीश कुमार ठक्कर से परिचय, मुलाकात, वित्तीय लेनदेन, कार्यक्रमों में भागीदारी और महादेव ऐप से जुड़े संभावित प्रचार अभियान के संबंध में सवाल पूछे गए। जांच एजेंसी इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं ऐप के प्रचार के बदले किसी प्रकार का आर्थिक लाभ या भुगतान तो नहीं किया गया।

CG NEWS : पानी से भरे गड्ढे ने ली 3 बच्चों की जान, रेलवे निर्माण एजेंसी की लापरवाही पर लोगों में आक्रोश

महादेव ऐप के प्रमोशन को लेकर भी सवाल

ईडी की जांच का प्रमुख बिंदु यह भी है कि महादेव ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म को लोकप्रिय बनाने के लिए किन-किन सेलिब्रिटी, एंकर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की सेवाएं ली गई थीं। एजेंसी इस पूरे नेटवर्क की वित्तीय कड़ियों की जांच कर रही है। यदि किसी व्यक्ति ने व्यावसायिक अनुबंध के तहत ऐप का प्रचार किया है, तो उससे जुड़े दस्तावेज, भुगतान और बैंकिंग रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में हैं।

पहले भी कई हस्तियों से हो चुकी है पूछताछ

महादेव बेटिंग ऐप मामले में ईडी इससे पहले भी कई फिल्मी हस्तियों, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, इवेंट मैनेजर्स और कारोबारियों से पूछताछ कर चुकी है। जांच एजेंसी का मानना है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी के इस नेटवर्क को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर प्रचार-प्रसार किया गया था, जिसमें कई नामचीन लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

मनी लॉन्ड्रिंग एंगल पर फोकस

महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले की जांच प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की जा रही है। ईडी का दावा है कि अवैध सट्टेबाजी से अर्जित करोड़ों रुपये हवाला और अन्य माध्यमों से देश-विदेश में भेजे गए। एजेंसी इस पूरे आर्थिक नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है और लगातार नए साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ का दायरा बढ़ाया जा रहा है।

फिलहाल ईडी ने शेफाली बग्गा से हुई पूछताछ को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। वहीं, यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें गवाह के तौर पर बुलाया गया है या किसी अन्य पहलू की जांच के तहत पूछताछ की गई। एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

About The Author