DJ Noise Pollution : तेज आवाज में DJ बजाने वालों पर हाईकोर्ट सख्त, नियम तोड़ने पर होगी कड़ी कार्रवाई
DJ Noise Pollution : बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक आयोजनों के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाने वालों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ध्वनि प्रदूषण को लेकर दायर एक मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित निर्णायक अधिकारी को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने मामले में चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
यह मामला रायपुर के शंकर नगर क्षेत्र में गणेशोत्सव के दौरान कथित रूप से ध्वनि प्रदूषण नियमों के उल्लंघन से जुड़ा हुआ है। याचिकाकर्ता की ओर से इस मामले में 1.05 करोड़ रुपये की पेनल्टी लगाने की मांग की गई है।
गणेशोत्सव के दौरान तेज आवाज का आरोप
जानकारी के अनुसार, रायपुर के शंकर नगर में आयोजित गणेशोत्सव कार्यक्रम के दौरान डीजे और लाउडस्पीकर के माध्यम से निर्धारित सीमा से अधिक ध्वनि फैलाने का आरोप लगाया गया था। शिकायत में कहा गया कि तेज आवाज के कारण आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा और ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों का उल्लंघन हुआ।
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इसके बाद मामले को लेकर कानूनी प्रक्रिया शुरू हुई और जुर्माने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई।
पर्यावरण संरक्षण कानून के प्रावधानों पर भी नजर
इस मामले में केवल ध्वनि प्रदूषण ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के नए प्रावधानों की व्याख्या का मुद्दा भी जुड़ा हुआ है। कोर्ट को यह भी देखना होगा कि ऐसे मामलों में जुर्माने और कार्रवाई की प्रक्रिया किस तरह लागू होगी।
याचिकाकर्ता का पक्ष है कि ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में सार्वजनिक आयोजनों में नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारी को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब प्रस्तुत करने को कहा है। कोर्ट अब इस मामले में अधिकारियों के जवाब और रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगा।
आयोजकों और डीजे संचालकों के लिए संदेश
इस मामले के बाद सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजकों और डीजे संचालकों के लिए भी स्पष्ट संदेश गया है कि ध्वनि सीमा और प्रशासनिक नियमों का पालन करना जरूरी होगा।
प्रशासन पहले से ही रात में तेज आवाज वाले कार्यक्रमों और ध्वनि प्रदूषण को लेकर दिशा-निर्देश जारी करता रहा है। अब हाईकोर्ट की सख्ती के बाद ऐसे मामलों में कार्रवाई और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल सभी की नजर हाईकोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई पर है। इस मामले का फैसला भविष्य में ध्वनि प्रदूषण से जुड़े मामलों के लिए महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकता है।









