शराब की लत बनी जानलेवा, पैंक्रियाज में जमा हुआ डेढ़ लीटर तरल पदार्थ; शिवाय हॉस्पिटल में जटिल सर्जरी से बची मरीज की जिंदगी

कोरबा। कई अस्पतालों के चक्कर लगाने के बाद जब 31 वर्षीय रामखिलावन की उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी थी, तब नया बस स्टैंड स्थित शिवाय हॉस्पिटल उसके लिए जीवन की नई उम्मीद बनकर सामने आया। अत्यधिक शराब सेवन के कारण उसके स्वादुपिंड (पैंक्रियाज) के पास पैनक्रिएटिक सूडोसिस्ट बन गया था, जिसमें लगभग डेढ़ लीटर तरल पदार्थ जमा हो चुका था। गैस्ट्रो सर्जन डॉ. हिमांशु कोल्हे ने समय रहते जटिल लैप्रोटॉमी एवं सिस्टोगैस्ट्रोस्टॉमी सर्जरी कर मरीज की जान बचा ली।

करीब एक वर्ष से असहनीय पेट दर्द से जूझ रहे रामखिलावन ने कई अस्पतालों में उपचार कराया और कई बार भर्ती भी हुआ, लेकिन बीमारी की सही वजह सामने नहीं आ सकी। दर्द लगातार बढ़ता गया और स्थिति गंभीर होती चली गई। अंततः परिजन उसे शिवाय हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां विशेषज्ञ जांच शुरू की गई।

सीटी स्कैन एवं अन्य जांच में पता चला कि मरीज के पैंक्रियाज के ऊपर बड़ा पैनक्रिएटिक सूडोसिस्ट बन चुका है, जिसमें लगभग 1 से 1.5 लीटर तरल पदार्थ भरा हुआ था। चिकित्सकों के अनुसार यह गंभीर स्थिति लंबे समय तक अत्यधिक शराब सेवन का परिणाम थी और समय पर उपचार नहीं मिलता तो मरीज की जान को खतरा हो सकता था।

मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए परिजनों की सहमति से गैस्ट्रो सर्जन डॉ. हिमांशु कोल्हे ने जटिल लैप्रोटॉमी एवं सिस्टोगैस्ट्रोस्टॉमी सर्जरी की। ऑपरेशन के दौरान सिस्ट में जमा करीब डेढ़ लीटर तरल पदार्थ सुरक्षित बाहर निकाला गया। साथ ही भविष्य में दोबारा ऐसी समस्या न हो, इसके लिए सिस्ट की दीवार को पेट (स्टमक) से जोड़ दिया गया। सर्जरी पूरी तरह सफल रही और मरीज खतरे से बाहर आ गया।

ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत तेजी से सुधरने लगी। महज दो दिनों में वह सामान्य भोजन करने लगा और स्वास्थ्य में लगातार सुधार होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। परिजनों ने डॉ. हिमांशु कोल्हे एवं शिवाय हॉस्पिटल के चिकित्सकों और मेडिकल स्टाफ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिले उपचार ने उनके अपने को नया जीवन दिया है।

इस अवसर पर गैस्ट्रो सर्जन डॉ. हिमांशु कोल्हे ने कहा कि लगातार शराब का सेवन स्वादुपिंड सहित शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। यदि लंबे समय तक पेट दर्द, उल्टी, भूख न लगना या पाचन संबंधी समस्याएं बनी रहें तो इन्हें सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह से ऐसी जटिल बीमारियों का भी सफल उपचार संभव है।

उन्होंने लोगों से नशे से दूर रहने और किसी भी गंभीर लक्षण की स्थिति में बिना देरी विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेने की अपील की।

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