नीदरलैंड्स में प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत में जैन समाज की सहभागिता, हितेश जैन ने किया प्रतिनिधित्व
नीदरलैंड्स में भारत के माननीय प्रधानमंत्री Narendra Modi के आगमन ने प्रवासी भारतीय समुदाय में उत्साह और गर्व का माहौल बना दिया। इस ऐतिहासिक अवसर पर जैन समाज की सक्रिय भागीदारी विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
JIN – Jains in Netherlands की ओर से हितेश जैन (हितेश बांठिया) को जैन समुदाय का प्रतिनिधित्व करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने इसे अपने लिए अत्यंत गौरव और प्रेरणा का क्षण बताया। यह अवसर Overseas Friends of BJP Netherlands के सहयोग एवं समर्थन से संभव हो पाया।
हितेश जैन ने बताया कि भगवान महावीर के अहिंसा, शांति, करुणा और संस्कृति संरक्षण के सिद्धांतों पर चलते हुए JIN – Jains in Netherlands सदैव भारतीय संस्कृति, जैन परंपराओं एवं भारतीय मूल्यों को वैश्विक स्तर पर सुरक्षित रखने और आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस कार्यक्रम में Hindu Swayamsevak Sangh (HSS) के माध्यम से भी कई जैन परिवारों को सम्मिलित होने का अवसर मिला। विशेष रूप से संजीव जैन, जो नीदरलैंड्स के Utrecht शहर में भगवान महावीर शाखा का संचालन करते हैं, भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों को समाज से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
कार्यक्रम में धमतरी निवासी जयेश बैद (OFBJP Switzerland) एवं मनीष झा (OFBJP Netherlands) सहित छत्तीसगढ़ से जुड़े कई समाजजन भी उपस्थित रहे। इस दौरान छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति एवं परंपराओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में प्रवासी भारतीयों की भारतीय संस्कृति एवं जड़ों से जुड़ाव की सराहना करते हुए कहा —
“पासपोर्ट का रंग बदल सकता है, पता बदल सकता है, टाइम ज़ोन बदल सकता है, लेकिन माँ भारती की संतानों में भारत की संस्कृति, जीवन मूल्य और अपनी जड़ों को उत्सव की तरह जीने का जज़्बा कभी नहीं बदलता।”

प्रधानमंत्री की इस यात्रा के दौरान भारत और नीदरलैंड्स के बीच सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी, व्यापार एवं निवेश, जल प्रबंधन, कृषि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं डिजिटल सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई।
यह यात्रा भारत और नीदरलैंड्स के बीच मित्रता, सांस्कृतिक संबंधों और सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाली साबित हुई। वहीं JIN – Jains in Netherlands के लिए यह अवसर भारतीय विरासत एवं जैन मूल्यों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने की प्रेरणा बनकर उभरा।









